प्रतापगढ़। डीआईओएस शिव कुमार ओझा ने कहा है कि होठों पर गुनगुनाते गीतों के बोल व्यक्ति के भीतर की अंतर्दशा को व्यक्त करते हैं। वह जीआईसी में आयोजित ‘एक सुर और एक ताल’ कार्यक्रम में बोल रहे थे।
जीआईसी में युवाओं की सोच, विचार, अभिव्यक्ति और कार्यपद्धति को पहचानने के लिए बुधवार को ‘एक सुर और एक ताल’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। डीआईओएस ने बच्चों का आह्वान किया कि वह सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रतिभाग कर अपनी पहचान बनाएं। जीआईसी, जीजीआईसी और केपी कॉलेज के बच्चों ने प्रतिभाग कर अपने गीत और भजन प्रस्तुत कर अपनी कला का प्रदर्शन किया। जीआईसी के प्रिंसिपल अरुण कुमार शुक्ल ने बच्चों में आत्मविश्वास जगाते हुए ऐसे कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने को कहा। उन्होंने उत्साहित बच्चों को सफलता का मंत्र दिया। इस मौके पर सैयद अली, श्यामशंकर तिवारी, रामकृष्ण पटेल, अशोक कुमार, सुमन सिंह, अनीस अहमद आदि मौजूद रहे।