जादू वाला बल्ब और पत्थर का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले सगे भाइयों के पास से पुलिस ने आठ लाख रुपये बरामद किए हैं। चेकिंग के दौरान पकड़े गए दोनों सगे भाइयों से बरामद रुपये की सूचना आयकर विभाग को देने के बाद पुलिस ने उन्हें मुचलके पर छोड़ दिया।
पुलिस अधीक्षक शिवहरी मीणा के आदेश पर शुक्रवार की रात पुलिस भंगवाचुंगी चौराहे पर चेकिंग कर रही थी। इस बीच आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के गहबरा निवासी अशोक कुमार निषाद व संतोष कुमार निषाद पुत्र फूलचंद्र को पुलिस ने रोक लिया। उनके पास से बरामद बैग में आठ लाख रुपये मिले। यह देख पुलिस को शंका हुई। पुलिस ने दोनों से पूछताछ करने के साथ ही उनका मोबाइल खंगाला। दो दिनों तक पूछताछ के बाद सोमवार को उनके पास से मिले रुपये पुलिस ने जब्त कर लिए। पकड़े गए दोनों भाई रुपये की बाबत सही जानकारी नहीं दे पा रहे थे। प्रभारी कोतवाल ने बताया कि अशोक निषाद अपना नाम बदलकर सुनील और जौनपुर का रहने वाला बता रहा था।
पूछताछ में यह पता चला कि उन्होंने टेलीवीजन के कुछ पार्ट्स से बल्ब तैयार किया था। इसके अलावा वे लोगों का झांसा देकर जादुई पत्थर भी बेचते थे, जिस पर खड़े होने के बाद वह अपनी दिशा पलट देता था। आरोपियों ने बताया कि दोनों वस्तुओं को उन्होंने बंगाल से आए एक युवक के हाथ प्रयागराज में बीस लाख में बेचा था। हालांकि उन्हें केवल आठ लाख रुपये ही मिले थे। कोई शिकायत न होने के कारण दोनों भाइयों को छोड़ दिया गया। आयकर विभाग को आठ लाख रुपये बरामद होने की जानकारी दी गई है।