जनपद में गुरुवार को बड़े एहतराम व अकीदत के साथ ईद की नमाज ईदगाह समेत मस्जिदों में अदा की गई। खुदा की बारगाह में लोगों ने हाथ फैलाकर दुआ मांगी। अपने गुनाहों से तौबा करते हुए कहा कि या अल्लाह हमारे गुनाहों को माफ कर दे। नमाज बाद एक दूसरे के गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी। पाक रमजान के बाद गुरुवार को खुदा की बारगाह में लोग ईद की नमाज अदा करने पहुंचे। सुबह से ही बच्चे से लेकर बड़े तक नए परिधान पहनकर तैयार हुए। इसके बाद लोग भुलियापुर स्थित ईदगाह, जामा मस्जिद समेत अन्य मस्जिदों में ईद की नमाज अदा करने पहुंचे। शहर में सबसे पहले अबुल कलाम मस्जिद में छह बजे नमाज मौलाना ताजदार अहमद ने अदा कराई।
इसके बाद शहर की दूसरी मस्जिदों में नमाज शुरू हुई। जामा मस्जिद सिप्तैन रोड में मौलाना रईस अहमद ने। भुलियापुर स्थित ईदगाह भी नमाज अदा करने वालों से खचाखच भरा था। मौलाना रियाजुल हसन ने अपनी तकरीर में कुरान पाक का जिक्र करते हुए लोगों से कहा कि वेे नेकी की राह पर चलने के लिए अपने गुनाहों से तौबा करने के लिए कहा। ताकि ईद की मौके पर लोगों को रोजा रखने का इनाम मिल सके। खुदा की बारगाह में देश में अमन चैन कायम रखने की दुआ मांगी गई। सबसे अंत में बुधई मस्जिद में ईद की नमाज अदा कराई गई। इस दौरान सुरक्षा के लिए भारी भरकम पुलिस फोर्स हर मस्जिदों के बाहर मुस्तैद रही।