महज दो वर्ष की नौकरी में सहायक अध्यापक से प्रधानाध्यापक बनने वाले जिले के 412 हेडमास्टरों की कुर्सी जल्द ही छीन ली जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने ऐसे शिक्षकों को उसी स्कूल में सहायक अध्यापक बनाकर वरिष्ठ शिक्षक को हेडमास्टर का प्रभार देने का फैसला लिया है। बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में हेडमास्टर बने शिक्षकों पर विभाग की गाज गिरने वाली है। इन हेडमास्टरों को उसी स्कूल में सहायक अध्यापक बनाकर वरिष्ठ शिक्षक को हेडमास्टर का प्रभार दिया जाएगा। अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछडे़ वर्ग के सहायक अध्यापकों को प्रमोशन में आरक्षण का लाभ देते हुए उन्हें हेडमास्टर बना दिया गया था।
इस प्रमोशन सूची में ऐसेे सहायक अध्यापकों का नाम शामिल था, जिन्होंने महज दो वर्ष पहले नौकरी शुरू की थी। सुप्रीमकोर्ट के प्रमोशन में आरक्षण समाप्त करने का आदेश आते ही शासन ने ऐसे शिक्षकों को चिह्नित कर उन्हें पदावनत करने का निर्देश दिया। बीएसए ने जब विभाग में खंगाला तो पता चला कि 412 शिक्षक ऐसे हैं जो आरक्षण का गलत लाभ लेकर हेडमास्टर बन गए हैं। बीएसए ने खंड शिक्षा अधिकारियों से ऐसे शिक्षकों की सूची तलब की है। बीएसए माधवजी तिवारी ने बताया कि आचार संहिता समाप्त होते ही ऐसे शिक्षकों को उसी स्कूल में सहायक अध्यापक बनाया जाएगा।