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यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए साल्वरों की लगी बोली

Tue, 09 Feb 2016 11:42 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में नकल का खुला खेल करने वाले माफिया कोचिंग संस्थानों पर तैनात साल्वरों की बोली लगा रहे हैं। गणित, विज्ञान और अंग्रेजी के शिक्षकों को मुंहमांगी रकम दी जा रही है। कक्ष निरीक्षक के रूप में तैनात कराने से लेकर सुरक्षित पहुंचाने का भी ठेका लिया जा रहा है।
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 18 फरवरी से प्रारंभ हो रही हैं। परीक्षा नजदीक आते ही नकल माफिया परीक्षार्थियों से मोटी रकम लेकर कॉपी लिखवाने, नकल कराने का ठेका ले रहे हैं। शहर और ग्रामीण इलाकों में सेटिंग वाले कॉलेजों में परीक्षार्थियों से नकल कराने का खुलेआम सौदा किया जा रहा है। इस कार्य को अंजाम देने के लिए नकलमाफिया कोचिंग संस्थानों में तैनात सॉल्वरों को मोटी रकम देकर नकल कराने के लिए बोली लगा रहे हैं। सुरक्षा और आवागमन की सुविधा का विश्वास दिलाने वाले नकलमाफिया से साल्वर ऊंची बोली का इंतजार कर रहे हैं।

बोर्ड परीक्षा में 367 कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, इसमें लालगंज ब्लॉक के काली सूची में शामिल छह विद्यालय भी शामिल हैं, जो राजनेताओं की सिफारिश पर केंद्र बनाए गए हैं। इन कॉलेजों में पिछले वर्ष भी नकल का खुला खेल हुआ था। इस वर्ष भी लालगंज, कुंडा, कालाकांकर और रानीगंज ब्लाक में नकलमाफिया सक्रिय हैं। वह सॉल्वरों के माध्यम से खेल करने पर तुले हुए हैं। डीआईओएस एसके ओझा ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर ऐसी व्यवस्था होगी कि नकलमाफिया की दाल नहीं गलने पाएगी। उन्होंने बताया कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को कक्ष निरीक्षक नहीं बनाया जाएगा।
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जिला विद्यालय निरीक्षक नकलमाफिया की दाल नहीं गलने देने और नकलविहीन परीक्षा कराने का दावा हवा में ही कर रहे हैं। अगर वो सचमुच परीक्षा पूरी शुचिता के साथ संपन्न कराना चाहते हैं तो फिर जिले में दागी विद्यालयों को केंद्र कैसे बना दिया गया। क्या केंद्रों के निर्धारण के समय उन्हें जानकारी नहीं थी। या फिर उन्होंने जानबूझकर आंख बंद कर ली थी। यह संभव नहीं है कि बिना उनकी रजामंदी के ब्लैक लिस्टेड विद्यालयों को केंद्र बना दिया जाए और जब ब्लैक लिस्टेड विद्यालय केंद्र बना दिए गए हैं तो फिर उनका नकलमाफिया को रोकने का दावा कितना सार्थक होगा। 
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