प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के शिक्षकों का तबादला फिलहाल जनवरी तक नहीं होने वाला है। बीएसए ने बताया कि शासन तबादले पर शासन ने रोक लगा रखी है। उन्होंने खंड शिक्षा अधिकारियों को भी चेताया है कि अगर किसी शिक्षक को संबद्ध किया गया तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
शिक्षकों के समायोजन पर दो साल से रोक लगी हुई है। सितंबर माह से ही तबादले की आवाज उठी, मगर उसी समय त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो गई। अब चुनाव खत्म होते ही शिक्षक तबादले की जुगत में लग गए हैं। इनमें से अधिकांश लोग वह है जिन्हें वर्ष 2015 में ही नौकरी मिली हुई है। गणित-विज्ञान और 72000 सहायक अध्यापकों की भर्ती के साथ ही समायोजित शिक्षामित्र भी हैं।
ठंडी की छुट्टी को लेकर फैल रही अफवाहों से शिक्षकों को सावधान करते हुए बीएसए ने कहा है कि वह 10 से तीन बजे तक स्कूलों में पहुंच कर पठन-पाठन करें। अगर कोई अगर अवकाश आता है तो समाचार पत्रों के माध्यम से सार्वजनिक किया जाएगा।