यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में इस वर्ष परीक्षार्थियों को नकल की खुली छूट मिलेगी। अभी तक जिले को मिलने वाली कोडेड कापियां इस वर्ष नहीं मिलेंगी। कापियों पर कोड नहीं होने से नकलमाफिया खुलेआम नकल कराने के साथ ही कापियां लिखाने तक का ठेका ले रहे हैं। जिले में यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 16 मार्च से प्रारंभ हो रही हैं।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 16 मार्च से प्रारंभ हो रही हैं। इस वर्ष हाईस्कूल में 77,725 और इंटरमीडिएट में 63,619 छात्र-छात्राएं सम्मिलित हो रहे हैं। जिल के 334 केंद्रों पर होने वाली परीक्षा के लिए इस वर्ष नकल की छूट रहेगी। ऐसा इसलिए होगा कि प्रतिवर्ष परीक्षार्थियों को मिलने वाली कापियां कोडेड होती थी, इससे एक कॉलेज को एलाट कापी दूसरे कॉलेज के परीक्षार्थी प्रयोग नहीं कर सकते थे। अगर वह ऐसा करते थे, तो बोर्ड उन कापियों को पकड़ लेता था। मगर इस वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों के लिए नॉन कोडेड कापियां मिली है। इसका नाजायज लाभ नकल माफिया उठा सकते हैं। बतादें कि जिले में नकलमाफियाओं ने अपना जाल फैला रखा है।
लालगंज और कुंडा इलाके में सक्रिय अधिकांश नकलमाफिया ऐसे हैं, जिन्होंने अभी से परीक्षा केंद्रों पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। मगर अब देखना यह है कि नकल रोकने के लिए जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है। डीआईओएस डॉ. ब्रजेश मिश्र ने बताया कि नकल माफियाओं पर शिकंजा कसने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया है कि इस वर्ष परीक्षा में नकल नहीं होगी।आज आएगा प्रवेशपत्रहाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र 27 फरवरी को डीआईओएस कार्यालय आने की संभावना है। कार्यालय पर प्रवेशपत्र आते ही कॉलेजों को वितरित किया जाएगा।