क्षेत्र में नकल माफियाओं का बोलबाला हो गया है। तीन से पांच हजार रुपये की वसूली परीक्षार्थियों से की जा रही है। परीक्षार्थी के पैसा न दे पाने की सूरत में सीटिंग प्लान बदल दिया जा रहा है। यही नहीं किसी भी गाड़ी के विद्यालय में पहुंचने से पहले ही एक किमी पहले बैठा आदमी इसकी सूचना दे देता है।
परीक्षा केद्रों पर नकल के लिए सौदेबाजी होने लगी है। छात्रों से तीन से पांच हजार रुपये वसूले जा हैं। अगर इसमें कोई छात्र असमर्थता जाहिर करता है तो उसका सीटिंग प्लान बदल दिया जाता है। ऐसे छात्रों को एक तरफ रखा जाता है। इसके अलावा पैसे देने वाले छात्रों की अलग व्यवस्था कराई जाती है। हालत यह है कि सचल दल के लिए एक दो व्यक्ति हर रास्ते पर बैठे रहते हैं। अगर कोई गाड़ी आती दिखी तो वह तुरंत बाइक से विद्यालय से सूचना देते हुए आगे निकल जाते हैं। ऐसे में इमला बोल रहे शिक्षकों को सुरक्षित कर दिया जाता है। यह किसी एक विद्यालय में नहीं हो रहा है। कई विद्यालयों में यह सौदेबाजी चल रही है। बोर्ड परीक्षा के दूसरे दिन से यह कार्यक्रम शुरू हो गया है।