चुनाव ड्यूटी लगाने में एनआईसी की बड़ी लापरवाही सामने आई है। कैंसर रोगियों, प्रसूताओ, बीएलओ और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगा दी गई है। जिससे वह ट्रेनिंग करने नहीं आए। गुरुवार को कार्रवाई करने का पत्र सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बीमार कर्मचारियों की फौज खड़ी हो गई। यह देखकर अधिकारी दंग रह गए। उधर, प्रशिक्षण से गायब पांच कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
लोकसभा में कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने में बड़ी गड़बड़ी की गई है। कालेजों और कार्यालयों से कर्मचारियों की जो सीडी भेजी गई थी, उसमें 31 मार्च को रिटायर होने वाले, चाइल्ड केयर लीव पर रहने वाली महिलाओं और बीमार लोगों को इंगित किया गया था।
मगर एनआईसी से लगी ड्यूटी में कैंसर रोगियों, प्रसूताओं, बीएलओ और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गई है। इसका खुलासा गुरुवार को उस समय हुआ, जब प्रशिक्षण से गायब 121 लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पत्र जारी हो गया। सोशल मीडिया पर नाम देखकर कैंसर रोगी और रिटायर लोगों ने पहुंचकर वास्तवकिता बताई तो अफसरों के कान खड़े हो गए। फिलहाल अफसरों के जांच में पांच कर्मचारी ऐसे मिले हैं, जो वास्तव में गायब रहे हैं। डीडीओ सुदामा प्रसाद ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
इन लोगों के खिलाफ मुकदमा
चुनाव प्रशिक्षण से गायब रहे सांगीपुर इलाके के प्राइमरी स्कूल सरुआ में तैनात रहे संतोष कुमार, जवाहर नवोदय विद्यालय के लिपिक विष्णु उपाध्याय, श्री कृष्ण उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुंडा में तैनात लिपिक विवेक प्रताप पटेल, सीएचसी कुंडा के फार्मासिस्ट अजय कुमार गौड़, पीएचसी बाबागंज में तैनात एलए प्रमोद कुमार के गायब रहने पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है।