लालगंज। गंगा एक्सप्रेव के निर्माण में लगा डंपर टेस्टिंग के दौरान स्वागत द्वार से टकरा गया। जिससे मलबे के नीचे दबने से केबिन में बैठे चालक व मिस्त्री की मौत हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी लगाकर शवों को बाहर निकाला। इस दौरान ग्रामीण भी पुलिस की मदद के लिए डटे रहे।
गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण के लिए कार्यदायी संस्था ने रामपुर संग्रामगढ़ ब्लॉक के करीब बाभन बखरी गांव के करीब अपना गोदाम बना रखा है। जहां वाहनों को खड़ा कराया जाता है। काम करने वाले कर्मचारियों के वहीं रुकने की व्यवस्था है। मंगलवार को एक डंपर की ट्राली का हाईड्रोलिक खराब था। जिसे ठीक करने के लिए प्रयागराज के मऊआइमा थाना क्षेत्र के महमदपुर का रहने वाला मिस्त्री मोहम्मद फरहान (28) आया था। कई घंटे की मशक्कत के बाद वह डंपर ठीक कर सका। जिसे टेस्ट करने के लिए डंपर चालक व मिस्त्री दोनों बाभन की बखरी से बसंतगंज मार्ग पर लेकर निकले थे।
लोगों के अनुसार बाभन की बखरी में बने स्वागत द्वार से डंपर की उठी ट्राली टकरा गई। इससे गेट का मलबा डंपर के केबिन पर जा गिरा। मलबे में दबने से केबिन में मिस्त्री फरहान व चालक दब गए। आसपास के लोग दौड़् लेकिन मलबा हटाने में नाकाम रहे। सूचना मिलने पर पहुंचे संग्रामगढ़ थानाध्यक्ष ने जेेसीबी मंगाकर मलबा हटवाया। हालांकि जब तक केबिन में फंसे चालक व मिस्त्री को निकाला जाता। तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थी। निर्माण कार्य में लगी कंपनी के कर्मचारियों के आने के बाद ही मृतक चालक के बारे में जानकारी की बात बताई जाती रही। एसओ संग्रामगढ़ ने बताया कि मार्ग से मलबा हटवा दिया गया है। शव कब्जे में लेकर मोर्चरी भेजे गए हैं।