हथिगवां इलाके में सोमवार को पूर्व माध्यमिक विद्यालय के शौचालय में ताला लगे होने के कारण शौच के लिए बाहर गए छठीं कक्षा के छात्र की नाले में डूबने से मौत हो गई। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचकर शिक्षकों को बंधक बनाकर हंगामा करना शुरू कर दिया। बवाल की खबर पर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में परिवार के लोगों के साथ शिक्षा विभाग ने आर्थिक मदद का भरोसा दिलाया, जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीण शांत हुए। पुलिस ने शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के हवाले कर दिया।
हथिगवां थाना क्षेत्र के बिसहिया उदय मिश्र का पुरवा निवासी संदीप श्रीवास्तव का बेटा हिमांशु श्रीवास्तव (12) गांव के ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 6 का छात्र था। सोमवार को वह अपने परिवार के अन्य बच्चों के साथ स्कूल गया था। प्रत्यक्षदर्श्यों की मानें तो दोपहर करीब 12 बजे वह साथ पढ़ने वाले अपने चचेरे भाई सिद्धार्थ पुत्र दिलीप कुमार और छोटे भाई दीपांशु और शिवांशु के साथ शौच के लिए निकला। स्कूल के शौचालय में ताला बंद था। विद्यालय से करीब दो सौ मीटर दूर भदरी नाले के पास चारों पहुंच गए।
शौच के बाद अचानक हिमांशु का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। साथ रहे बच्चों ने शोर मचाया। जिसके बाद आसपास के लोगों के साथ स्कूल के शिक्षक दौडक़र पहुंचे। लोगों ने उसे पानी से बाहर निकाला। आनन-फानन में परिजन उसे इलाज के लिए कुंडा के एक नर्सिंगहोम ले गए। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। छात्र की मौत से आक्रोशित परिजन व ग्रामीण स्कूल पहुंचकर हंगामा करने लगे। लोगों ने शिक्षण कक्ष में शिक्षक व शिक्षिकाओं को बंद कर दिया। स्कूल में हंगामे की खबर मिलते ही एसओ हथिगवां मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद नवाबगंज, मानिकपुर व कुंडा एसओ भी आ गए। करीब डेढ़ घंटे तक स्कूल में हंगामा चलता रहा।
घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय विधायक व पूर्व मंत्री राजाभैया के प्रतिनिधि हरिओम शंकर श्रीवास्तव, जिला पंचायत सदस्य बबलू सिंह, इंद्रर सरोज समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे। आक्रोशित लोगों को समझाबुझाकर शांत कराया। मृतक छात्र के परिजनों को आर्थिक सहायता व जमीन पट्टे में देने का आश्वासन भी मिला, तब जाकर ग्रामीण माने। पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरकर परिजनों के हवाले कर दिया। एसओ हथिगवां ने बताया कि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। कोई तहरीर नहीं दी, जिसके चलते कोई कार्रवाई नहीं की गई।
घरवालों को मैनेज करने की कोशिश, झूठ बोलने लगे बीएसए
पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 6 के छात्र हिमांशु की मौत को लेकर परिवार व ग्रामीणों ने स्कूल में जमकर हंगामा किया। सूत्रों की मानें तो मौके पर पहुंची पुलिस व पंचायत प्रतिनिधियों ने शिक्षकों से बातचीत के बाद परिवार के लोगों को समझाबुझाकर शांत कराया। तय हुआ कि शिक्षा विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को तीन लाख रुपये और ग्राम प्रधान एक बीघा जमीन का पट्टा करेंगे। कुछ देर पहले शिक्षकों की लापरवाही को लेकर हंगामा करने वाले लोग इस आश्वासन के बाद खामोश हो गए। हालांकि शिक्षा विभाग के पास ऐसा कोई बजट नहीं है।
जिससे पीड़ित छात्र के परिजनों को आथक मदद दी जा सके। बीएसए अशोक कुमार का कहना है कि मृतक छात्र स्कूल नहीं आया था, बल्कि अपने परिवार के लोगों के साथ नाले के करीब खेल रहा था। जहां वह नाले में गिर गया। अब बीएसए के जवाब को सही माना जाए तो फिर परिजन और ग्रामीण स्कूल किस वजह से आए। हंगामा करते हुए शिक्षकों को स्कूल में क्यों बंद कर दिया। स्कूल के शिक्षक परिवार के लोगों की आथक मदद का वादा किस वजह से किए। स्कूल के शौचालय में ताला क्यों बंद था। इसका जवाब बीएसएस के पास भी नहीं था। वह यह कहते रहे कि अब पीड़ित परिवार जो लिखकर दे रहा है, उसे ही माना जाएगा। फिलहाल छात्र की जान से खिलवाड़ करने वाले जिम्मेदारों को भले ही इस घटना में राहत मिल गई हो, लेकिन ऐसी लापरवाही से पहले भी मासूम बच्चे की कुंडा तहसील में जान जा चुकी है।
बेल्ट न टूटती तो बच जाती हिमांशु की जान
जिस समय हिमांशु फिसलकर नाले में गिरा था। उसके पीछे ही उसका छोटा भाई दीपांशु भी था। दीपांशु की मानें तो उसने अपने भाई की पैंट पकड़ ली। पानी का बहाव तेज था। हिमांशु का पैंट पकडने के बाद उसका बेल्ट टूट गया। उसकी चप्पल भी दीपांशु के हाथ में ही रह गई और देखते ही देखते वह गहस्त्रत्त्े पानी में समा गया। इसके बाद बच्चों ने शोर मचाया। तब जाकर लोग वहां पहुंचे।
छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय, पर दोनों में ताला
पूर्व माध्यमिक विद्यालय बिसहिया में सोमवार को हर दिनों की तरह बच्चे गए थे। स्कूल में बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए गए थे। स्कूल में पढने वाले छात्र व छात्राओं की मानें तो शिक्षक शौचालयों में ताला बंद करके रखते हैं। जिससे उन लोगों को लघुशंका व शौच के लिए बाहर जाना पड़ता है। छात्र ही नहीं बल्कि छात्राओं को भी खुले में शौच जाना पड़ता है। चूंकि शौचालय की सफाई व्यवस्था ठीक नहीं रहती है। ऐसे में शौचालय में ताला बंद रखा जाता है ताकि अधिकारियों के निरीक्षण में साफ-सुथरा मिल सके।
पुलिस के पहुंचने पर टला बवाल
हथिगवां थाना क्षेत्र के बिसहिया पूर्व माध्यमिक विद्यालय में शौच के लिए निकले छात्र हिमांशु की नाले में डूबने से मौत के बाद लोग उग्र हो गए। ग्रामीण स्कूल में बवाल करने के लिए पहुंच गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मोर्चा संभाला। आक्रोशित लोगों को समझाने बुझाने के साथ ही प्रभावशाली लोगों को मौके पर बुला लिया। जिससे बड़ा बवाल टल गया। दो भाई व एक बहन के बीच हिमांशु सबसे बड़ा था। उसकी मौत से परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।