सर्दी के साथ ही त्वचा में सूखापन के पांच गुना मरीज बढ़ गए हैं। खुजली और लाल चकत्ते होने की समस्या लोगों को परेशान कर रही है। त्वचा रोग विभाग की ओपीडी में अब तक औसतन दस मरीज आते थे, वहीं इन दिनों 50 से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक त्वचा रोग से प्रभावित हैं।
मेडिकल कॉलेज के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित पांडेय ने बताया कि जैसे-जैसे मौसम गर्म से ठंडा होने लगता है, वैसे-वैसे हवा में नमी कम हो जाती है। इससे हमारी त्वचा शुष्क और रूखी होने लगती है। अधिक गर्म पानी से नहाने, रूम हीटर में अधिक रहने से भी ऐसा होता है। उन्होंने कहा कि सूखापन का असर सबसे ज्यादा हमारी त्वचा पर पड़ता है।
जिस कारण त्वचा सूखी, रूखी और तनी हुई महसूस होती है। बाद में प्रभावित स्थान पर खुजली होने लगती है। खुजली की वजह से पीड़ित रात में सो तक नहीं पाता है। सर्दी के सीजन को छोड़ दें तो अन्य दिनों में ये बीमारी बुजुर्गों को होती है, क्योंकि 60 साल से अधिक आयु के लोगों की त्वचा में सूखापन आने लगता है।
मगर ठंड के दिनों में हर उम्र के लोग ड्राइनेस की समस्या का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि अबतक त्वचा में ड्राइनेस की समस्या लेकर महज आठ से 10 मरीज आते थे। 15 दिसंबर के बाद ओपीडी में ऐसे करीब 50 से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं।