जिले के 42 परिषदीय विद्यालयों में 46 अतिरिक्त कक्ष बनाए जाएंगे। एक कमरे की लागत 5.95 लाख रुपये निर्धारित की गई है। यह धनराशि संबंधित स्कूलों की विद्यालय प्रबंध समिति के खातों में भेज दी गई है। इसी हफ्ते निर्माण शुरू होने की उम्मीद है। ये कमरे उन्हीं स्कूलों में बनवाए जाएंगे, जहां बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। इस व्यवस्था से बच्चों को खुले में बैठकर पढ़ाई नहीं करनी पड़ेगी।
बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की संख्या तो अधिक है, लेकिन उन्हें बैठाने के लिए जगह की कमी है। इसी वजह से कुछ स्कूलों में बच्चों को खुले में बाहर बैठाना पड़ता है। इससे बच्चों को सर्दी और बरसात के दिनों में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस समस्या के निराकरण के लिए 42 परिषदीय विद्यालयों में 46 अतिरिक्त कक्षा कक्ष (एडीशनल क्लास रूम) बनवाने की स्वीकृति मिली है। इन 38 विद्यालयों में से एक-एक कमरे और चार स्कूलों में दो-दो अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कराया जाएगा।
जिला समन्वयक प्रदीप कुमार ने बताया कि विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में धनराशि भेज कर अविलंब अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कराने को कहा गया है।