मंगलवार को पहली बार प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे डीआरएम संजय त्रिपाठी को जगह-जगह खामियां मिलीं। इससे उनका पारा चढ़ गया। मातहत अधिकारियों व कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। रेलवे अस्पताल में गंदगी और अव्यवस्था पर सीएमआई और डॉक्टर की क्लास ली। खामियां मिलने से कइयों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
मंगलवार दोपहर स्पेशल ट्रेन से प्रतापगढ़ पहुंचे डीआरएम संजय त्रिपाठी ने जंक्शन का निरीक्षण किया। निरीक्षण करतेद हुए जब अस्पताल पहुंचे तो गंदगी और अव्यवस्था देख उनका पारा चढ़ गया। डॉक्टर पर आरोप लगा कि रेल कर्मचारियों के प्रति उनका रवैया ठीक नहीं रहता। जीआरपी और कर्मचारियों का कहना था कि ट्रेन में बीमार यात्रियों को देखने नहीं आते। इस पर डीआरएम काफी नाराज हुए। वहां से निकलने के बाद मालगोदाम क्रासिंग पहुंचे। आरओबी स्थल का निरीक्षण किया।
गेटमैन से उसकी समस्या पूछी। प्लेटफार्म पर कैंटीन की रेट लिस्ट चेक की। विकलांग शौचालय को देखा। उनके सामने जीआरपी के सिपाहियों की बैरक और आवास की समस्या उठी। एसओ फूल सिंह ने इस आशय का पत्र डीआरएम को दिया। जिस पर उन्होंने निस्तारण की बात कही। इसके पूर्व चिलबिला स्टेशन पर उतरे डीआरएम को गंदगी से रूबरू होना पड़ा। स्टेशन मास्टर मोहम्मद इबरार को उन्होंने साफ-सफाई का निर्देश दिया। उन्होंने आरपीएफ इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार से चेन पुलिंग की बाबत जानकारी ली।
इंस्पेक्टर ने उद्योग नगरी और पद्मावत ट्रेन का स्टॉपेज चिलबिला में करने का सुझाव दिया। ताकि चेन पुलिंग कम हो। इस दौरान एडीईएन निहालुद्दीन, एसएस त्रिभुवन मिश्रा, मेंस के अनिल शुक्ला, शफीक, अनीस, लाल बहादुर यादव, मजदूर यूनियन से धर्मेंद्र दुबे, प्रदीप शर्मा, राजेश सिन्हा, इमरान और शैलेंद्र मिश्रा समेत कई कर्मचारी नेता मौजूद रहे।
पहली बार देख रहा हूं डॉक्टर साहब को
जीआरपी थानाध्यक्ष फूल सिंह ने डीआरएम से कहा कि उन्हें आए एक वर्ष हो रहे हैं, लेकिन वह डॉक्टर साहब को आज देख रहे हैं। उनके स्टाफ के लोग आते हैं तो उनके साथ भेदभाव होता है। ट्रेन में बीमार मुसाफिर को देखने की फुर्सत इनको नहीं है। चिकित्सा शिविर न लगाने की भी शिकायत हुई। अस्पताल में जुगाड़ से बेंच बना दी गई थी। अस्पताल की खिड़कियों पर पर्दा का स्थान पोस्टरों ने ले लिया था। हालांकि डीआरएम की नजर उस पर नहीं पड़ी।
दीवार पर पोस्टर देख जताई नाराजगी
जंक्शन के बाहर निरीक्षण करने निकले डीआरएम संजय त्रिपाठी की नजर बाहरी हिस्से की दीवारों पर पड़ी। जिस पर रेल संगठन के नेताओं के पोस्टर चस्पा थे। जिसे हटाने का निर्देश दिया। कहा कि स्टेशन परिसर को स्वच्छ रखा जाए।
बर्बाद हो गई ट्राली, सुरक्षा के नहीं हैं इंतजाम
रेल लाइन की निगरानी के लिए ट्राली मिली थी। वह काफी समय से बाहर रखी थी। जिसके चलते उसमें जंग लग गई है। जिसे देख डीआरएम ने संबंधित अधिकारियों से सवाल किया कि ट्राली की सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्था क्यों नहीं हो सकी।
मजदूर यूनियन ने डीआरएम को सौंपा ज्ञापन
उत्तर रेलवे मजदूर यूनियन के शाखा मंत्री धर्मेंद्र कुमार दुबे ने पदाधिकारियों के साथ डीआरएम का स्वगत किया। मंडल रेल प्रबंधक को समस्याओं के निस्तारण को दो सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर प्रदीप कुमार शर्मा, विजय प्रताप सिंह, अवधेश, सलीम, हरीराम, योगेश, राम सिंह, यासिर समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
दांदूपुर में अव्यवस्था पर जताई नाराजगी
रानीगंज। जंघई की ओर जा रहे डीआरएम संजय त्रिपाठी ने अपनी स्पेशल ट्रेन दांदूपुर स्टेशन पर भी रुकवा दी। स्टेशन का निरीक्षण करते हुए वह सिग्रल रूम में पहुंचे। वहां की छत दरकी हुई मिली। स्टेशन पर अव्यवस्था का आलम दिखा। जिसे देख डीआरएम भडक़ गए। उन्होंने कहा कि स्टेशन पर सफाई का बंदोबस्त किया जाए। जर्जर भवन व छतों की मरम्मत कराई जाए। इस मौके पर व्यापारी सुनील गुप्ता ने डीआरएम को ज्ञापन सौंपा। जिसमे जनता एक्सप्रेस का संचालन शुरू कराने और वाराणसी जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस का ठहराव कराने की मांग की गई।
रेलवे स्टेशन परिसर में दीवारों पर लगे यूनियन के बैनर।- फोटो : PRATAPGARH
रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म का निरीक्षण करते डीआरएम संजय त्रिपाठी।- फोटो : PRATAPGARH