जिला अस्पताल में एक बार फिर एचआईवी पीड़ितों से भेदभाव करने का मामला सामने आया है। हॉर्निया, पथरी, बच्चेदानी व ट्यूमर जैसे बीमारी से ग्रसित एचआईवी पीड़ित मरीज ऑपरेशन के लिए अस्पताल के चक्कर लगा रहे हैं। मामले में डीएम और सीएमओ के आदेश के बाद भी डॉक्टर आपरेशन करने के लिए तैयार नहीं हैं।
जनपद में 2512 लोग एचआईवी से पीड़ित हैं। एचआईवी पीड़ितों के लिए काम करने वाली पीएनपी संस्था के अध्यक्ष विनोद यादव के मुताबिक इनमें से सात ऐसे मरीज हैं जो हॉर्निया, पथरी, ट्यूमर और बच्चेदानी की बीमारी से परेशान हैं। उनका आपरेशन होना है। यह मरीज बीते दो माह से ऑपरेशन कराने के लिए जिला अस्पताल के चक्कर काट रहे हैं। यहां तैनात सर्जन ऑपरेशन करने में आनाकानी कर रहे हैं। इन मरीजों ने पीएनपी संस्था के अध्यक्ष को अपनी समस्या बताई। उन्होंने डीएम से मुलाकात कर ऑपरेशन कराने की मांग की है। बताया जा रहा है कि डीएम ने तत्काल सीएमओ को सभी मरीजों को भर्ती कर ऑपरेशन करने और इलाज कराने का आदेश दिया। सीएमओ ने सीएमएस को आदेश देकर अपना पिंड छुड़ा लिया। डॉक्टर इसके बाद भी आपरेशन नहीं कर रहे हैं।
एचआईवी के मरीजों का ऑपरेशन कराने के लिए सीएमएस को कहा गया है। अगर चिकित्सक ऑपरेशन करने से कतरा रहे हैं तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। मरीजों का जल्द ऑपरेशन कराया जाएगा।
एके श्रीवास्तव, सीएमओ
जिला अस्पताल में एचआईवी पीड़ितों के आपरेशन की व्यवस्था नहीं है। एक ही ओटी है। ऐसे में उनका आपरेशन संभव नहीं है।
योगेंद्र यति, सीएमएस, जिला अस्पताल