मेडिकल कॉलेज में जिन चिकित्सकों की ड्यूटी ऑनकॉल होगी। वह घर या फिर कॉलेज की जगह अस्पताल में रात रुकेंगे। मरीजों की हालत बिगड़ने पर स्टाफ नर्स की सूचना पर तत्काल वार्ड में पहुंचकर मरीज का उपचार करेंगे। ऐसा न करने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा ने बताया कि ऑनकॉल ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों पर अब प्राचार्य तीसरे नेत्र से निगरानी करेंगे। इमरजेंसी के समय या वार्ड में भर्ती मरीजों की हालत बिगड़ी तो ऑनकॉल ड्यूटी रोस्टर पर तैनात चिकित्सक पहुंचकर उपचार करेंगे। उन्होंने बताया कि अधिकांश चिकित्सक रात में मेडिकल कॉलेज या फिर अपने घर चले जाते हैं, मगर अब ऐसा नहीं होगा। चिकित्सकों को अस्पताल में ही रुकना होगा।