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कोरोना वायरस से बचाव का टिप्स

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जिला अस्पताल इमेरजेन्सी कक्ष में कोरोना से बचने को मास्क लगाकर बैठे चिकित्सक व कर्मचारी। - फोटो : PRATAPGARH
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आगरा के बाद पड़ोसी जनपद प्रयागराज में कोरोना के संदिग्ध मरीज मिलने के बाद जिले के लोगों में खौफ दिखने लगा है। कोरोना से बचने के लिए गुरुवार को मास्क खरीदने के लिए मेडिकल स्टोर पर लोगों की भीड़ पहुंच रही है। मेडिकल स्टोर संचालक दोगुने दामों में मास्क बेंच रहे हैं। जिसे लोग मजबूरी में खरीद रहे हैं।
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देश की राजधानी दिल्ली, आगरा और लखनऊ के बाद अब पड़ोसी जनपद प्रयागराज में कोरोना के संदिग्ध मरीजों के मिलने के बाद हर कोई खौफजदा है। मगर जिले में स्वास्थ्य विभाग इस खतरनाक बीमारी को लेकर जरा भी संजीदा नहीं है। अस्पताल आने वाले लोगों को मुफ्त में या फिर सस्तेदर पर मास्क तक नहीं मुहैया करा पा रहा है। इससे लोग परेशान हो रहें हैं। मजबूर होकर लोगों को मास्क खरीदने के लिए मेडिकल स्टोर पर जाना पड़ रहा है। सरकारी अस्पतालों में मास्क की व्यवस्था न होने का फायदा उठाते हुए स्टोर संचालक 15 से 20 रुपये में प्रति मास्क बेंच रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी इससे पूरी तरह अंजान बने हैं। मजेदार बात यह है कि मरीजों के बीच में रहने वाले स्वास्थ्य कर्मचारियों और चिकित्सकों को भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से मास्क मुहैया नहीं कराया जा पा रहा है।
चीन के बाद अब भारत में तेजी से पाव पसार रहे कोरोना बीमारी को लेकर जिला अस्पताल के चिकित्सक और स्वास्थ कर्मचारी सहमे हुए हैं। अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी मास्क लगा लेते हैं। ड्यूटी के दौरान मास्क लगाकर बैठते हैं। जिला अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मचारियों को सीएमएस ने मास्क मुहैया कराया है। मगर जिले के अन्य सीएचसी और पीएचसी में अभी तक इसकी व्यवस्था नहीं हो सकी।
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चीन से लौटकर भले ही सात लोग भारत आ गए हैं, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि कोरोना जैसा लक्षण किसी में नहीं मिला, मगर यदि जिले में कोरोना के मरीज मिल भी गए तो उनका इलाज हो पाना मुश्किल है। दरअसल न तो चिकित्सक हैं और न ही जांच के लिए कोई बंदोबस्त। स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। यहां तक कि जांच की व्यवस्था भी नहीं है। जिससे बीमार मरीजों को चिन्हित ही किया जा सके। चीन से लौटकर घर आए मेडिकल छात्रों के घर पर भी स्वास्थ्य विभाग की टीम जाना उचित नहीं समझती। कभी कभार फोन कर जानकारी जुटा लेती है। इसके बाद कार्यालय बैठकर रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी जाती है।
चीन के वुहान शहर से शुरू हुए कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। चीन के बाद ईरान, हांगकांग, जापान, इटली समेत कई देशों के बाद अब इस बीमारी के कुछ संदिग्ध मरीज भारत के आगरा, लखनऊ व प्रयागराज में भी पहुंच चुके हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टर मनोज खत्री ने बताया कि यह वायरस हवा से नहीं बल्कि सांस लेने/ सांस छोड़ने, खांसने और छींकने की वजह से फैल रहा है। इसलिए जिन्हें सर्दी-जुकाम हुआ हो उससे दूरी बनाकर रखें। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस पीड़ित को बुखार होता है, सूखी खांसी होती है। सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉक्टर मनोज खत्री ने बताया कि दिन भर में बीमारी फैलाने वाले जर्म्स आपके हाथों में लगें हैं, उनसे बचने के लिए बार-बार हाथ धोएं। कोरोना वायरस से बचने के लिए हाथों की हाइजीन सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले अपने हाथों को पानी की टैप के नीचे गीला करें और पानी की टैप बंद कर दें। इसके बाद हाथों में साबुन अच्छे से हाथों के पीछे, उंगलियों के बीच में और नाखूनों के आसपास अच्छे से लगाएं। 20 सेकेंड के लिए हाथों को स्क्रब कर ें। साफ पानी से अपने हाथ धोएं, सूखे साफ कपड़े से अपने हाथों को पोछें। साथ ही सर्दी जुकाम और बुखार के मरीजों से दूरी बनाए रखे। इन सब के बाद कोरोना वायरस से बचा जा सकता है।
शासन के आदेश पर कोरोना वायरस को लेकर सतर्कता बरती गई है। पांच टीम जिले में इसकी मॉनिटरिंग कर रही है। जिले में एक भी मरीज अभी तक नहीं मिले हैं। जो सात लोग चीन से लौटकर आए थे वे स्वस्थ हैं। मास्क लगाने की जरूरत नहीं है। फिलहाल लोग खरीदकर यदि लगाकर चल रहे हैं तो अच्छी बात है।
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-डॉक्टर एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
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