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सोमवार को स्वास्थ्य मंत्री ने किया था आगाह, मंगलवार को डॉक्टर को खोजते रहे मरीज
एकीकृत कमांड सेंटर और नियंत्रण कक्ष से होगी निगरानी
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। स्वास्थ्य मंत्री ने सोमवार को कहा कि ओपीडी से डॉक्टर नदारद रहे तो सीएमएस को नोटिस दिया जाएगा। व्यवस्था संतोषजनक न हुई तो डॉक्टरों पर कार्रवाई भी होगी। 24 अगस्त से एकीकृत कमांड सेंटर से कुछ सरकारी अस्पतालों की निगरानी होगी। आगे और भी अस्पताल कमांड सेंटर से जोड़े जाएंगे। बावजूद इसके मंगलवार को स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी रहीं। अमर उजाला टीम ने पड़ताल की तो निर्धारित समय सुबह आठ बजे ओपीडी में डॉक्टर नहीं मिले। दूर दराज से आए मरीज इंतजार करते रहे। डॉक्टर कहां हैं, इस बात की जानकारी देने वाला कोई नहीं था।
इनसेट
स्थान- प्रताप बहादुर चिकित्सालय की महिला विंग -समय- सुबह 8.47 बजे सुबह
मेडिकल कॉलेज के राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय की ओपीडी में अधिकांश डॉक्टरों की कुर्सियां खाली थीं। केवल डॉक्टर तौहीदा ही ओपीडी में बैठी मिलीं। सरौली से आई गर्भवती रुखसाना, चिलबिला की मीना दूसरी डॉक्टर के इंतजार में बैठीं थी। सीएमएस डॉ. रीना प्रसाद ने बताया कि सभी को समय से ओपीडी में बैठने के लिए कहा गया है। समय से अस्पताल न पहुंचने वाली डॉक्टरों से स्पष्टीकरण लिया जाएगा।
इनसेट
स्थान- राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय पुरुष विंग- समय- 8.52
राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय की ओपीडी में तो एक भी डॉक्टर नहीं आए थे। मरीज पर्चा लेकर ओपीडी के सामने डटे थे। कई मरीज तो ऐसे थे, जो बुखार से तप रहे थे। कोई चलने फिरने से मोहताज था। पूछने पर विश्वनाथगंज से आए रवींद्र कुमार ने बताया कि वह सुबह ही अपने पिता को दिखाने आए हैं, लेकिन अभी तक कोई नहीं आया। इमरजेंसी से उसे ओपीडी भेजा गया। सीएमएस डॉ. रमेश पांडेय का कहना है कि डॉक्टरों को समय से ओपीडी में बैठने का निर्देश दिया गया है। यदि वे वार्ड में राउंड पर रहते तो इसकी जानकारी मरीजों को दी जानी चाहिए। लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई होगी।
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स्थान- लालगंज सीएचसी - समय-8.30 बजे
लालगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सन्नाटा पसरा था। स्वास्थ्य केंद्र में कोई डॉक्टर नहीं थे। हालांकि मरीज भी नहीं थे। कुछ लोगों ने बताया कि चूंकि डॉक्टर नौ बजे के बाद ही आते हैं। इसलिए मरीज भी इसके बाद ही आते हैं।
स्थान- पीएचसी कुसुआपुर- समय- सुबह 9.45 बजे
कुंडा के कुसुआपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पौने दस बजे तक ताला लटकता रहा। 9.52 बजे अस्पताल का ताला खोला गया। सबसे पहले लैब टेक्नीशियन अस्पताल पहुंचे। फार्मासिस्ट छतर सिंह भी नदारद रहे। डॉक्टर नीलम मौर्य के कक्ष में ताला लटक रहा था। इलाके के संदीप का कहना था कि जब चिकित्सक विलंब से आते हैं तो मरीज भी उसी के हिसाब से पहुंचते हैं।
स्थान- मानिकपुर पीएचसी समय- सुबह 8.22 बजे
मानिकपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ताला बंद था। साढ़े आठ बजे तक एएनएम सविता सोनकर व दाई पहुंचीं। यहां तैनात डॉक्टर जेबा ने बताया कि मेरा बच्चा बीमार है। करीब 9.30 बजे तक वह अस्पताल पहुंचेंगी।
स्थान -सीएचसी गौरा- समय 11.30 बजे
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरा में तीन डॉक्टर प्रतिदिन ओपीडी करते हैं, लेकिन मंगलवार को ओपीडी में कुर्सियां खाली मिलीं। डॉ. आरके त्रिपाठी ही मरीज देखते मिले। इलाज कराने के लिए अस्पताल आने वाले मरीजों का कहना है कि डॉक्टर समय पर अस्पताल नहीं आते। इसलिए मरीज भी सुबह नहीं आते। हमेशा सभी डॉक्टर नहीं मिलते।
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सभी चिकित्सकों को निर्धारित समय से अस्पताल पहुंचने का निर्देश दिया गया है। विलंब से पहुंचने वाले चिकित्सकों से स्पष्टीकरण मांगते हुए कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजा जाएगा। सभी चिकित्सकों को नोटिस देकर जवाब तलब किया जा रहा है।
- डॉ. जीएम शुक्ला, सीएमओ
मानिकपुर पीएचसी में बंद पड़ा ताला। संवाद
मानिकपुर पीएचसी में बंद पड़ा ताला। संवाद
मानिकपुर पीएचसी में बंद पड़ा ताला। संवाद
मानिकपुर पीएचसी में बंद पड़ा ताला। संवाद