प्रतापगढ़। अपनी मांगों को लेकर प्रांतीय चिकित्सा संगठन के आह्वान पर प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों समेत अन्य सेंटरों पर चिकित्सकों के साथ स्वास्थ्यकमियों ने शुक्रवार को दो घंटे कार्य बहिष्कार किया। सुबह आठ से दस बजे तक इमरजेंसी को छोड़कर ओपीडी में आने वाले मरीजों का इलाज नहीं किया गया। इससे दूरदराज से आए मरीजों को परेशान होना पड़ा।
संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि 12 जुलाई को लखनऊ में मांगों को लेकर धरना दिया जाएगा। प्रांतीय चिकित्सा महासंघ के आह्वान पर मेडिकल कॉलेज के पुरुष विंग में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की एक आवश्यक बैठक पीएमएस संघ के वरिष्ठ नेता डॉ. मनोज खत्री की अध्यक्षता में हुई। बैठक में डॉ. खत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों और कर्मचारियों के प्रति सरकार के तानाशाही रवैये की निंदा की। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की सेवा की इसके बावजूद सरकार कर्मचारियों की मांगों पर विचार नहीं कर रही है। यदि मांगें नहीं पूरी हुईं तो प्रतिदिन दो घंटे चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान पैथालॉजी और एक्सरे विभाग भी बंद रहेंगे।
इस मौके पर डॉ. विवेक त्रिपाठी, डॉ. अनिल गुप्ता, पूर्व सीएमएस डॉक्टर इम्तियाज, स्टाफ नर्स ऊषा तिवारी, शकीला, सुशीला देवी, नीलम गुप्ता, एसके राय, पुण्यश्लोक पांडेय, डिप्लोमा फार्मासिस्ट संघ से डॉ. एसबी शुक्ला, डॉक्टर राकेश, वीके श्रीवास्तव, कैलाशनाथ, पीपी मिश्रा, अनीस अहमद अंसारी, आरडी पांडेय, आदि मौजूद रहे। उधर, रानीगंज सीएसी के पूर्व अधीक्षक डॉक्टर पंकज मिश्र ने बताया कि इमरजेंसी को छोड़कर ओपीडी सेवा दो घंटे बाधित रही। सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इस दौरान पंचदेव, मान सिंह, आरसी वर्मा, विपिन, शोभा, अनीता, सुरेंद्र आदि मौजूद रहे। सीएचसी पट्टी अधीक्षक डॉ. नीरज सिंह ने कहा कि सरकार की तबादला नीति कर्मचारियों और डॉक्टरों के लिए ठीक नहीं है। कार्य बहिष्कार में सीएचसी के चिकित्सक डॉ. राकेश कुमार, डॉ. पंकज, डॉ. अखिलेश जायसवाल, डॉ. ज्ञानेंद्र मौर्य, डॉ. नेहा सचान, सुमन विश्वकर्मा, डॉ. अखिलेश, रत्नेश आदि आदि लोग मौजूद रहे।