पीएचसी पर आयोजित जन आरोग्य मेले के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। यहां पर आने वाले मरीजों की जांच के लिए कोई सुविधा नहीं दिखी। कई जगह पीएचसी पर गंदगी के कारण मरीज नहीं पहुंचते। विलंब से आना और जल्दी घर जाना भी चिकित्सक संग स्वास्थ्यकर्मियों का मकसद बना रहता है।
रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जगेशरगंज में आयोजित जन आरोग्य मेले में दो बजे तक करीब 30 मरीज देखने का दावा किया जाता रहा। खास बात यह रही कि मरीजों का इलाज डॉक्टर के बजाय फार्मासिस्ट सुरेंद्र चौधरी करते रहे।
यहां पर आने वाले मरीजों को सिर्फ खानापूर्ति कर दवाएं वितरित की गईं, जबकि मरीजों की जांच की कोई सुविधा उपलब्ध नहीं थी। फिजियोथेरेपिस्ट डॉक्टर दिवाकर तिवारी भी नहीं आए थे।
डॉ. प्रज्ञा सिंह की ड्यूटी लगाई गई थी, वह भी आरोग्य मेले से गायब थीं। फार्मासिस्ट के अलावा एएनएम उषा सिंह मरीजों का इलाज कर रही थीं। वार्ड ब्वाय प्रदीप कुमार और पवन कुमार सहयोग में लगे रहे।
फार्मासिस्ट सुरेंद्र चौधरी ने बताया कि डॉ. सरिता पाठक को किसी काम से बाहर जाना पड़ा। 30 मरीजों का इलाज किया गया है। आरोग्य मेले में खून की जांच नहीं हो पाती। बिजली आपूर्ति बाधित होने से मरीजों के उपचार में अव्यवस्था भी हुई।
25 मरीजों को आ रहा था बुखार व खांसी
जन आरोग्य मेले में इलाज कराने के लिए आने वाले 30 मरीजों में 25 बुखार व खांसी से परेशान थे। फार्मासिस्ट सुरेंद्र चौधरी ने मरीजों से पूछताछ के बाद उन्हें सर्दी, जुकाम व बुखार की दवाएं दीं। यहां मधुमेह की दवा तो उपलब्ध रही लेकिन ब्लड प्रेशर , दमा की नहीं थी।