चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे जनपद में तैनात 17 चिकित्सकों की ड्यूटी प्रयागराज कुंभ मेले में लगा दी गई है। 8 चिकित्सक रिलीव भी हो गए हैं। बाकी दो से तीन दिनों के अंदर मेले में चले जाएंगे। इससे जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था पंगु हो जाएगी। इलाज कराने के लिए मरीजों को भटकना पड़ेगा।
जनपद में कुल 27 सीएचसी, 54 पीएचसी, एक क्षय रोग अस्पताल के साथ ही जिला व महिला अस्पताल का संचालन शासन की ओर से किया जा रहा है। जिला व महिला अस्पताल के चिकित्सक सीएमएस के अधीन काम करते हैं, वहीं सीएचसी और पीएचसी के साथ टीबी अस्पताल के चिकित्सक सीएमओ के अधीन होते हैं। सीएचसी-पीएचसी और टीबी अस्पताल के संचालन के लिए सीएमओ को शासन ने 192 चिकित्सक तो जिला अस्पताल के सीएमएस को 29 व महिला अस्पताल के सीएमएस को महज पांच चिकित्सक दिए हैं।
चिकित्सकों की कमी के चलते मरीजों को काफी परेशान होना पड़ता है। समय से उनका इलाज नहीं हो पाता है। इसके बावजूद कुंभ मेले में आने वाले स्नानार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शासन के आदेश पर एडी ने सीएमओ से 17 चिकित्सकों की मांग की। एडी के आदेश पर सीएमओ ने जनपद के आठ चिकित्सकों को रिलीव भी कर दिया है। शेष चिकित्सकों को जल्द ही इलाहाबाद के लिए रिलीव करने की तैयारी है।
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानें तो शासन की ओर से मंगलवार को एक आदेश आया है। जिसमें 25 और चिकित्सकों की ड्यूटी कुंभ मेले में लगाने के लिए सीएमओ को आदेश दिया गया है। इतने चिकित्सक यदि कुंभ मेले में चले जाएंगे तो जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल होनी तय है।
जिला अस्पताल के दो डॉक्टरों की भी ड्यूटी कुंभ मेले में लगा दी गई है। इसमें एक मानसिक रोग विशेषज्ञ एमपी शर्मा तो दूसरे रेडियोलॉजिस्ट शामिल हैं। वहीं महिला अस्पताल के भी रेडियोलॉजिस्ट की ड्यूटी कुंभ मेले में लगाई गई है। इन चिकित्सकों का घर भी प्रयागराज में ही है। इससे इनकी तो मौज हो गई है, मगर इनके जाने से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। अल्ट्रासाउंड कराने के लिए चार साढ़े चार सौ से पांच सौ रुपये जहां खर्च करने पड़ रहे हैं, वहीं मारपीट में घायल लोगों को एक्सरे कराने के लिए प्रयागराज का चक्कर काटना पड़ेगा।
कुंभ मेले में चिकित्सकों की ड्यूटी लगाए जाने के कारण तीस बेड के अस्पताल गड़वारा और साल्हीपुर सीएचसी पर मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है। 24 घंटे खुलने वाले यह अस्पताल सुबह दस से 12 बजे तक ही संचालित हो रहे हैं।
कुंभ मेले का पहला स्नान पर्व 14 जनवरी को होता है, लेकिन स्नानार्थियों की सुविधा के लिए अभी से डाक्टरों की तैनाती की जा रही है। सीएमओ की मानी जाए तो जनवरी तक 45 चिकित्सकों को कुंभ मेले में ड्यूटी के लिए जाना पड़ सकता है।
शासन के आदेश पर चिकित्सकों को कुंभ नगरी में भेजा जा रहा है। अब तक जिन चिकित्सकों को भेजा गया है, वह इसके पहले मेले में ड्यूटी कर चुके हैं। इसलिए उन्हें रिलीव किया गया है। जैसे-जैसे चिकित्सकों की मांग होगी, उन्हें यहां से रिलीव किया जाएगा।
एके श्रीवास्तव, सीएमओ।