मदरसा नूरूल उलूम हरिहरपुर में आयोजित दो दिवसीय जलसे को खिताब करते हुए बुधवार की रात जमीयत उल्माए हिंद के प्रदेश सदर मौलाना असहद रसीदी ने कहा कि मनमानी जिंदगी न गुजारेंद्ध एक दिन ऐसा भी आएगा जब अपने रब के सामने खड़े होकर अच्छे व बुरे कर्मों का सभी को हिसाब देना होगा। उस दिन को याद कर मेरा चैन छिन जाता है।
मौलाना असहद रसीदी ने आगे कहा कि वह चाहते हैं कि आप लोग भी उस दिन से डरो। कुरआन में फरमाया गया है कि ईमान वालों अपने रब से डरो, क्योंकि कयामत का झटका बड़ा सदीद झटका होगा। जो सूरज देख रहे हो, अभी करोड़ों मील दूर है। ये सूरज उस वक्त एक मील की दूरी पर होगा। आदमी मरना चाहेगा पर मर नहीं सकेगा। कयामत के दिन खौफनाक मंजर होगा।
कयामत के दिन की लंबाई आम दिनों से 50 हजार दिनों के बराबर होगी। उस दिन एक दूसरे की कोई मदद करने को तैयार नहीं होगा। सब अपने-अपने हिसाब में मुबत्ला रहेंगे। अल्लाह ताला ने कुरआन में फरमाया है मरने से पहले की तैयारी कर लें। ताकि इस खौफनाक मंजर को आसानी से पार कर सकें।
कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद अशरफ ने किया। जलसे की शुरूआत मौलाना अब्दुल्ला ने कुरान पाक की तिलावत से किया। नात-ए-पाक तबिस मेंहदी ने पढ़ा। बुधवार व बृहस्पतिवार की रात 137 हाफिज बने छात्रों की दस्तारबंदी हुई। इस मौके पर विधायक विश्वनाथगंज जीतलाल पटेल, मदरसा के प्रबंधक व पूर्व विधायक अब्दुल सलाम उर्फ हाजी मुन्ना पूर्व विधायक, मदरसे के नाजिम मौलाना मोहम्मद हादी, पूर्व प्रमुख मोहम्मद नसीम, कारी मजलूम, कारी वहीद, हाफिज मजलूम, हाफिज सलीम, मौलाना निजाम, हाफिज फरीद, मौलाना समशाद, मौलाना इमरान, मौलाना खुर्शीद, मोहम्मद आरिफ समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
जलसे में सादगी के बीच हुए दो निकाह, बने मिसाल
हरिहरपुर मदरसे में बुधवार को जलसे के दौरान ही सादगी के बीच दो जोड़ों ने निकाह भी पढ़ा। सादगी के बीच हुए निकाह में हजारों लोगों ने दुआएं की। बिना दहेज के निकाह करने वालों की जिंदगी कामयाब रहे। इसके लिए हर कोई दुआ करता रहा।
मौलाना अरशद मदनी के दीदार का बेसब्री से करते रहे इंतजार
जमीयत उल्माए हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी को बृहस्पतिवार दोपहर जलसे में शामिल होना था। वह विलंब से जनपद पहुंचे। उनके इंतजार में बड़ी संख्या में जिले के लोग मदरसा पहुंचे थे। हर कोई उनका इस्तकबाल करने व दीदार का इंतजार बेसब्री से कर रहा था। उनके इंतजार में लोग मदरसे में देर रात तक डटे रहे।