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दो गांवों के बीच हुई मारपीट के मामले में 103 लोगों पर एफआईआर

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जेठवारा थाने के खटवारा में दो पक्षों में मारपीट के बाद पहुंची पुलिस। - फोटो : PRATAPGARH
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-बीचबचाव के दौरान तीन सिपाही भी हुए थे घायल
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बाबागंज। दो गांवों के बीच हुए पथराव और मारपीट की घटना में पुलिस ने 103 लोगों पर हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इसके साथ ही दर्जनभर लोगों को गिरफ्तार भी किया है। पुलिस के डर गांव में सन्नाटा पसर गया है।
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के धंधवल गांव के लोग सामूहिक चंदा इकट्ठा कर गांव के पास स्थित बूढ़े बाबा शिव मंदिर पर मंगलवार को श्रीरामचरित मानस पाठ करा रहे थे। इस दौरान बगल के गांव भवदासपुर का एक युवक मंदिर के पास लगीं झंडियों को उखाडने लगा था। इस पर उसकी धंधवल के कुछ लोगों से बहस हो गई थी। बुधवार को धंधवल निवासी अजय पटेल पुत्र पृथ्वीपाल पटेल को लखपेड़ा बाजार से लौटते समय भवदासपुर गांव के सामने दर्जनों की संख्या में खड़े युवकों ने रोककर पीट दिया। इसकी सूचना मिलने पर धंधवल गांव के दर्जनों ग्रामीण भवदासपुर पहुंचे। वह मारपीट करने वाले युवकों के परिजनों से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान दूसरी तरफ से ईट-पत्थर चलने लगे।
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इधर युवक के साथ मारपीट की सूचना मिलने पर लखपेड़ा चौकी पर तैनात सिपाही रवि कुमार, अखिलेश यादव और मनीष कुमार भवदासपुर गांव पहुंचे। वहां बीचबचाव के दौान मारपीट और पथराव के बीच तीनों सिपाही घायल हो गए। ग्रामीणों ने भीड़ से निकालकर तीनों सिपाहियों को निजी चिकित्सक के यहां भर्ती कराया। सूचना पर रात में ही आधा दर्जन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और छह बवालियों को हिरासत में लेकर थाने ले आई। सुबह फिर पुलिस गांव पहुंची और छह लोगों को थाने आई।
घटना में अजय पटेल की तहरीर पर भवदासपुर निवासी 25 लोगों के खिलाफ नामजद तथा 25 अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमला, मारपीट गालीगलौज समेत विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई। इधर, हमले में घायल सिपाही अखिलेश यादव की तहरीर पर 28 नामजद व 25 अज्ञात के खिलाफ बलवा, हत्या का प्रयास, मारपीट, गालीगलौज तथा जान से मारने की धमकी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पिछले वर्ष नागपंचमी से शुरू हुआ था विवाद
बाबागंज। संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के धंधवल और भवदासपुर गांव के बीच पिछले वर्ष नागपंचमी को लंबी कूद के दौरान जमकर मारपीट और पत्थरबाजी हुई थी। इसमें आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से चोटिल हुए थे। पुलिस ने दोनों गांवों से एक दर्जन लोगों को थाने में लाकर बैठाया था। फिर छोड़ दिया था। अगर पुलिस उसी समय सतर्कता दिखाते हुए पकड़े गए लोगों पर कार्रवाई करती तो शायद ग्रामीणों की हिम्मत पुलिस पर हमला करने की न होती।
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भवदासपुर में बवाल के बाद पहुंची पुलिस ने की तोडफ़ोड़
बाबागंज। भवदासपुर में पुलिस पर हमले के बाद रात में पहुंची फोर्स ने भी उत्पात मचाया। कई ग्रामीणों के दरवाजे तोड़ दिए गए हैं। कुर्सियां आदि भी तोड़ी गई हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से गांव में हड़कंप मच गया है। ज्यादातर लोग घर छोड़कर फरार हो चुके हैं। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
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