क्रय केंद्रों पर मनमानी और किसानों का धान न खरीदे जाने की शिकायतें मिलने के बाद शुक्रवार शाम जिलाधिकारी ने अफसरों को जमकर फटकार लगाई। केंद्रों पर बिचौलियों की सक्रियता और किसानों को टोकन न मिलने की खबर पर विपणन विभाग के अफसरों की क्लास लगाई।
डीएम की सख्ती के बाद शनिवार को सुबह से अफसर धान क्रय केंद्रों पर भागदौड़ करने लगे। केंद्रों पर अपनी मौजूदगी में धान की खरीद कराई। एसडीएम, डिप्टी आरएमओ, एडीएम ने क्रय केंद्रों पर पहुंच चौपाल लगाकर किसानों की समस्याएं सुनीं। क्रय केंद्रों का स्टाक मिलान करने के साथ ही धान खरीद में पादर्शिता बरतने के निर्देश दिए।
शनिवार को दोपहर 12 बजे एडीएम शत्रोहन वैश्य, एसडीएम रानीगंज राहुल कुमार व डिप्टी आरएमओ अजीत तिवारी रामापुर धान क्रय केंद्र पहुंचे। अफसरों की टीम देख किसान की भीड़ जमा हो गई। एडीएम शत्रोहन वैश्य व एसडीएम रानीगंज ने किसानों के साथ चौपाल लगाई। इस दौरान किसानों ने क्रयकेंद्र पर टोकन न मिलने, बिचौलियों के सक्रिय होने की शिकायत की।
इस पर डिप्टी आरएमओ ने धान क्रयकेंद्र पर करीब डेढ़ घंटे बैठकर खरीद कराई। रजिस्टर का मिलान किया। क्रेंद्र प्रभारी को पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने शिवगढ़ क्रयकेंद्र का निरीक्षण किया।
इधर, एसडीएम पट्टी ने उतरास, गौरामाफी, परसंडी, बेखरनाथ सहित दर्जनों क्रयकेंद्र का निरीक्षण किया। यहां भी किसानों ने अपनी समस्याएं बताईं। उतरास में बोरे की समस्या पाई गई। एसडीएम ने बोरे की व्यवस्था करने का निर्देेश दिया।
इसी तरह संडवाचंद्रिका क्षेत्र स्थित राजकीय क्रयकेंद्र का निरीक्षण एसडीएम सदर ने किया। इस दौरान उन्होंने किसानों से बात की। उनकी समस्याएं सुनीं। स्टाक का मिलान किया। क्रयकेंद्र पर अभी तक 438 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
889 एमटी धान की खरीद हुई। एसडीएम मोहन लाल गुप्ता ने कहा कि कोई भी किसान छूटना नहीं चाहिए। पारदर्शिता के साथ उनके धान की खरीद की जाए। शिकायत मिलने पर कार्रवाई तय है।
क्रय केंद्र पर आने वाले सभी किसानों का धान खरीदा जाएगा। मैं खुद धान खरीद की निगरानी कर रहा हूं। लापरवाही बरतने वाले अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा। अगर किसी केंद्र पर किसानों को टोकन नहीं मिलने और बिचौलियों के सक्रिय होने की जानकारी मिली तो प्रभारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डा. रुपेश कुमार, जिलाधिकारी
बेलखरनाथ ब्लाक के धान क्रय केन्द्र परसनी में ट्रैक्टर से धान उतारते किसान।- फोटो : PRATAPGARH