। डीएम अभिषेक पांडेय ने मंगलवार शाम पांच बजे डीएम कैंप कार्यालय के मानस सभागार में प्रेसवार्ता की। उन्होंने अर्जुन की मौत लॉकअप के अंदर होने की जानकारी दी। हालांकि पट्टी की स्थानीय पुलिस अभी तक शौचालय में युवक की मौत की बात कर रही है। डीएम ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। दोषी को बक्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच के लिए स्टेट मेडिको लीगल सेल लखनऊ भेजी जाएगी ताकि मौत के स्पष्ट कारणों का पता चल सके।डीएम ने कहा कि पट्टी कोतवाली में युवक की मौत दुखद है। मृतक के परिवार से प्रशासनिक अफसर लगातार संवाद कर रहे हैं। पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद जल्द भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रथमदृष्टया दोषी मिले कोतवाली प्रभारी आनंद पाल सिंह और घटना के विवेचक ओंकार सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
कहा कि पीड़ित परिवार ने किशोरी के परिजन पर प्रताड़ना और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। सोमवार की देर शाम मृतक के पिता की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। सीओ पट्टी प्रदीप सिंह को जांच अधिकारी नामित किया गया है। मजिस्ट्रियल जांच की भी संस्तुति दी गई है।
सीएचसी न जाने की बात पर जवाब नहीं दे सके अफसर
पुलिस लॉकअप में अर्जुन की संदिग्ध मौत के बाद उसे नजदीक के 700 मीटर दूर स्थित सीएचसी नहीं ले जाया गया। पुलिस कर्मी जीप से सीधे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। इसमें काफी वक्त लग गया। जबकि सीएचसी पहुंचने में पांच से सात मिनट का समय लगता। पूछने पर एसपी दीपक भूकर इसका जवाब नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि मजिस्ट्रियल जांच में इस बिंदु को भी शामिल किया गया है। पुलिस कर्मी सीएचसी के बजाय मृतक को सीधे मेडिकल कॉलेज क्यों लेकर आए। इसकी जांच की जाएगी।