सब कुछ दुरुस्त करने के लिए जिलाधिकारी ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। गुरुवार को कुंडा इलाके में महेवा मलकिया में शिक्षक का ट्रांसफर दूसरे ब्लाक में कर दिया गया तो वहीं दो सफाईकर्मी निलंबित कर दिए गए। इसके साथ ही आंगनबाड़ी व कस्तूरबा की वार्डेन को सेवा समाप्ति का नोटिस देने की निर्देश दे दिया गया है। 30 नवंबर को महेवा मलकिया गांव में राज्यपाल के संभावित दौरे को लेकर अब जिलाधिकारी के तेवर सख्त हो गए हैं।
डीएम मार्कंडेय शाही गुरुवार को राज्यपाल के 30 नवंबर के संभावित दौरे को लेकर महेशगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और महेवा मलकिया ग्रामसभा में तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने अस्पताल में हो रहे कार्यों पर संतोष जताया और मुख्य सड़क से अस्पताल तक इंटरलॉकिंग का कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।
इसके बाद उच्च प्राथमिक विद्यालय महेवा मलकिया का निरीक्षण किया तो वहां के हेडमास्टर श्रीकृष्ण एमडीएम खाते मिले। 130 नामांकित बच्चों की जगह मात्र 20 बच्चे विद्यालय में होने पर उनका तबादला पट्टी ब्लाक में करने का निर्देश दिया। विद्यालय में फैली गंदगी पर भी जमकर फटकार लगाई। पंचायत भवन का निरीक्षण किया तो वहां पर टूटी खिड़की देखकर नाराज हुए
। पंचायत भवन के अगल-बगल गंदगी फैली होने पर सफाईकर्मी रामकुमार और कमलेश कुमार को निलंबित करने का निर्देश दे दिया। आंगनबाड़ी केंद्र पर उपस्थित बच्चों से पूछताछ की तो पता लगा कि यहां हॉटकुक्ड भोजन नहीं दिया जा रहा है। इस पर उन्होंने दोनों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त करने का निर्देश देते हुए सीडीपीओ लालमुनि देवी को कारण बताओ नोटिस जारी की।
प्राथमिक विद्यालय महेवा मलकिया के अतिरिक्त कक्ष में कबाड़ रखे होने पर प्रधान और हेडमास्टर को सफाई करने का निर्देश दिया। कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो पूरे विद्यालय के स्टाफ का तबादला दूसरे ब्लाक में कर दिया जाएगा। एएनएम सेंटर का निरीक्षण किया तो वहां पर कई खामियां मिलीं। उन्होंने सीएमओ को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। राजकीय मॉडल स्कूल में कक्षा 6 में कम बच्चों के नाम में नामांकन पर प्रधानाचार्य उमेश कुमार जाटव का वेतन रोकने का निर्देश दिया।
एसडीएम मोहनलाल गुप्ता, बीडीओ आदित्य कुमार, एमआईसी बाबागंज डॉ सौरभ सिंह, ग्राम प्रधान जनार्दन प्रसाद त्रिपाठी, एपीओ मनरेगा गिरीश चंद्र पाल, मंत्री काशी वर्मा, पंकज तिवारी आदि मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने बहोरिकपुर के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय का निरीक्षण किया। वहां शिक्षक उपस्थिति रजिस्टर देखा तो दो संविदा शिक्षकाएं गायब थीं। दोनों का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा।
बच्चों के उपस्थिति के निरीक्षण के दौरान कई अनुपस्थित बच्चों को उपस्थित दिखाया गया था। इस पर उन्होंने वार्डन अनामिका सिंह की सेवा समाप्ति का निर्देश दिया। विद्यालय की सुरक्षा में लगाए गए दो होमगार्डों के न मिलने पर उनका भी वेतन रोकने का निर्देश दिया। इसके चलते पूरे क्षेत्र के कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।