जिलाधिकारी संजीव रंजन और एसपी सतपाल अंतिल ने शनिवार को कुंडा तहसील पहुंचकर एक दिन में 130 शिकायतें सुनीं। रामपुर चौरास के रामलखन ने शिकायत करते हुए आरोप लगाया कि चकरोड की पैमाइश में डेरवा लेखपाल रंजीत कुमार की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। डीएम ने लेखपाल को कड़ी फटकार लगाते हुए एसडीएम से कानूनगो और लेखपाल को भेजकर चकरोड की पैमाइश कराने को कहा।
शनिवार को कुंडा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर कुल 130 फरियादी समस्याएं लेकर पहुंचे। चार शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। सबसे अधिक 45 शिकायतें राजस्व विभाग जबकि पुलिस विभाग से 28, विकास विभाग से 16, समाज कल्याण से 06, शिक्षा से तीन एवं अन्य विभागों से 32 शिकायतें आई थी। विकास विभाग की शिकायतें सीडीओ नवनीत सेहारा ने सुनीं।
शिकायत करने पर नहीं सुनती है पुलिस
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र फतेहपुर निवासी निर्मला देवी ने बताया कि उनके गांव के कई लोगों ने उनका जबरन रास्ता बंद कर दिया है। संग्रामगढ़ थाने और चौकी में शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नही हो रही है। एक या दो बार नहीं, बल्कि दस बार शिकायत कर चुकी हूं।
0 एक साल से लगा रहा हूं चक्कर
मानिकपुर के गिरीश सोनकर ने बताया कि उनकी जमीन पर फर्जीवाड़ा करके कई लोगों ने अपने नाम करा ली है। जबरन उस पर कब्जा करके उसे बेच रहे है। न्यायालय के आदेश के बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। एक साल से थाने और तहसील का चक्कर लगा रहा हूं।
वरासत के लिए पांच हजार मांग रहा है लेखपाल
कुंडा के मोहद्दीपुर के द्वारिका प्रसाद ने आरोप लगाया कि पिता की मृत्यु के बाद ज़मीन उसके नाम वरासत करने के लिए लेखपाल पांच हजार रुपये मांग रहे हैं। छह माह से लेखपाल और तहसील के चक्कर लगा रहा हूं, कोई सुनने वाला नहीं है।
पैतृक जमीन पर घर बनाने को नहीं मिल रहा
बाघराय के रामपुर कोटवा के रिशु शुक्ला ने बताया कि एक साल से थाना और तहसील का चक्कर लगा रहा हूं। गांव के दबंग मुझे अपनी पैतृक जमीन पर घर नहीं बनाने दे रहे हैं। पुलिस से शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मजबूरन मुझे घर छोड़कर भागना पड़ रहा है।
इनसेट
तहसीलों में प्राप्त शिकायतों का विवरण
तहसील प्राप्त शिकायतें निस्तारित
सदर 96 07
लालगंज 64 08
रानीगंज 91 -
पट्टी 102 05
कुंडा 130 04