108 नंबर पर बार-बार फोन करने के बाद भी एंबुलेंस की सुविधा न मिलने से अधेड़ की मौत के मामले में स्वास्थ्य कर्मियों और डाक्टरों के बचाव में उतरे सीएमओ रविवार को बैकफुट पर आ गए। अधेड़ की मौत को लेकर उनके बेतुके बयान पर डीएम भड़क गए। उन्होंने सीएमओ के इस कदम पर नाराजगी जाहिर करते हुए मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा। इसके बाद रविवार शाम सीएमओ बेलखरनाथ सीएचसी पहुंचे। उधर, पट्टी के सपा विधायक राम सिंह ने कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
कंधई के आसलपुर गांव निवासी अफजल (55) की शुक्रवार को तबीयत बिगड़ गई थी। उसका बेटा एंबुलेंस के लिए बार-बार 108 नंबर पर फोन करता रहा, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। इस पर वह पिता को साइकिल से लेकर बेलखरनाथ सीएचसी पहुंचा। यहां काफी देर बाद उसे चिकित्सक मिले। वार्ड ब्वाय के इंजेक्शन लगाने के कुछ देर बाद अफजल की मौत हो गई। इसे लेकर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। मामले में जांच और कार्रवाई के बजाए सीएमओ यूके पांडेय डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के बचाव में उतर आए।
उन्होंने अफजल की मौत के लिए उसके परिजनों को ही जिम्मेदार ठहरा दिया। साथ ही कहा कि मौत आ जाने पर डाक्टर भी नहीं बचा सकते। रविवार को उनके इस बेतुके बयान को लेकर डीएम डा. आदर्श सिंह भड़क गए। उन्होंने सीएमओ को तुरंत अस्पताल जाकर जांच करने का निर्देश दिया। रविवार शाम सीएमओ सीएचसी पहुंचे और बयान दर्ज किया। एबुंलेंस के समय को लेकर भी पड़ताल की। सीएमओ के आने की खबर पर स्थानीय लोग भी पहुंच गए और अस्पताल की कमियां बताईं। उधर, पट्टी विधायक रामसिंह पटेल ने मृतक के परिजनों से मिलकर भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजकर सीएचसी अधीक्षक सुनील यादव और एंबुलेंस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।