जिला ओडीएफ घोषित हो गया है, लेकिन अभी गांवों में शौचालय बनाने का लक्ष्य नहीं पूरा हुआ है। संडवा चंद्रिका विकास खंड के बंडाखुटार गांव में करीब 134 शौचालयों की जीओ टैगिंग नहीं होने पर पांच ग्राम पंचायत अधिकारियों को नोटिस देकर सप्ताह भर का समय दिया गया है।
जिला ओडीएफ घोषित होने के बाद भी जिम्मेदार शौचालय बनवाने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। डीएम की नाराजगी पर डीपीआरओ ने संडवा चंद्रिका विकास खंड के बंड़ाखुटार की ग्राम पंचायत अधिकारी सीमा यादव के 134 शौचालयों का निर्माण नहीं कराने पर सप्ताह भर का समय दिया है।
इस गांव में 330 शौचालय बनाने का लक्ष्य दिया गया था। बिहार विकासखंड के बेधनगोपालपुर में तकरीबन 697 शौचालयों के लक्ष्य के सापेक्ष 203 शौचालयों का निर्माण होने और 484 अधूरा होने पर सचिव प्रभुनाथ को नोटिस दिया गया है।
मंगरौरा ब्लाक के रायगढ़ ग्राम पंचायत में लगभग 693 शौचालयों में 212 का निर्माण कराया गया, जबकि तकरीबन 481 अधूरे होने पर सचिव देवराज पांडेय को नोटिस थमाया गया है। कालाकांकर ब्लाक के कुसुवापुर ग्राम पंचायत में करीब 766 शौचालयों में से 466 बनवाए गए, जबकि 300 अभी अधूरे होने पर सचिव दीपक कुमार को नोटिस दिया गया है।
मानधाता ब्लाक के सरायदेवराय ग्राम पंचायत में 171 शौचालयों का लक्ष्य था, जिसमें 42 का निर्माण हुआ और 128 शौचालयों की जीओ टैगिंग नहीं होने पर सप्ताह भर में तैयार करने का नोटिस दिया गया है। डीपीआरओ उमाकांत पांडेय ने बताया कि लापरवाही करने वाले सचिवों के खिलाफ जल्द कार्रवाई होगी।
मंडी में होती है परेशानी
महुली मंडी में शौचालय नहीं है, इससे व्यापारियों को खुले में शौच जाना पड़ता है। मंडी परिसर में एक शौचालय बना भी है, तो उसमें कर्मचारियों ने ताला लगा रखा है। इससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आश्चर्य की बात तो यह है कि नगर पालिका परिषद ओडीएफ हो चुका है, मगर अभी तक अफसरों की नजर मंडी तक नहीं पहुंची है।