क्षेत्र के शेखपुर आशिक में भंडारे की संभावनाओं को झटका लग गया है। जिलाधिकारी ने धार्मिक सौहार्द बिगड़ने का तर्क देकर भंडारे की अनुमति देने से मना कर दिया है। इससे संबंधित आदेश भी उन्होंने पुलिस के माध्यम से प्रत्यावेदनकर्ता को करा दिया। इसके साथ ही रिपोर्ट भी कोर्ट भेज दी है।
कुंडा कोतवाली के शेखपुर आशिक स्थित हनुमान मंदिर पर हनुमान चालीसा व भंडारा कराने को लेकर पुजारी रमाकांत मिश्र ने जिलाधिकारी से अनुमति मांगी थी। जिलाधिकारी ने इस प्रत्यावेदन पर विचार नहीं किया। मामले में देरी होते देख पुजारी रमाकांत मिश्र हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए सात सितंबर तक इसका निस्तारण करने के लिए जिलाधिकारी केा निर्देशित किया।
हाईकोर्ट के निर्देश पर जिलाधिकारी ने इस मामले पर पुन: विचार किया। इसके बाद उन्होंने पूर्व की पूरी स्थिति को दर्शाते हुए हनुमान चालीसा व भंडारे की अनुमति नहीं दी। इसमें उन्होंने तर्क दिया है कि सड़क के किनारे ही मैदान में उदय प्रताप सिंह भदरी व याची रामकांत मिश्र भंडारे का आयोजन करते हैं। बगल से ही मोहर्रम की दसवीं का जुलूस निकलता है।
2016 में भंडारे के कारण मोहर्रम का जुलूस नहीं उठा था। इससे क्षेत्रीय लोगों में खासा आक्रोश रहा। इसके बाद 2017, 2018 में जुलूस उठाया गया, लेकिन दोनेां पक्षों में टकराव की स्थिति को देखते हुए भंडारा नहीं करने दिया गया। इस भंडारे के कारण दो समुदायों में टकराव की स्थित उत्पन्न हो सकती है। इससे धार्मिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा है। ऐसे में भंडारे की अनुमति देना ठीक नहीं होगा।
जिलाधिकारी ने पुलिस के माध्यम से रविवार को रमाकांत मिश्र व उदय प्रताप सिंह भदरी को इसका तामीला करा दिया गया। अब चर्चा है कि रमाकांत इस मामले को लेकर दोबारा कोर्ट जा सकते हैं। फिलहाल भंडारे पर रोक लग गई है। इसके साथ ही उदय प्रताप सिंह भदरी को किले में नजरबंद भी किया जा सकता है।