डीएम भले ही दावा कर रहे हैं कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के 24 घंटे के अंदर नेताओं के बैनर और पोस्टर को हटवा दिया गया है, मगर हकीकत कुछ और ही है। जिला अस्पताल के इमजरेंसी कक्ष में सीएम की विकास योजना से जुड़े कैलेंडर टंगे हुए हैं, तो परिवहन की बसों में आज भी मुख्यमंत्री के फ्लैक्स लगे हैं। इस ओर किसी भी अधिकारियों का ध्यान नहीं पड़ रहा है। जबकि अखबार में खबर प्रकाशित होने के बाद डीएम ने सीएमओ और सीएमएस को नोटिस देकर परिसर में लगे सीएम और नेताओं की होर्डिंग हटवाने का आदेश भी दिया था।
बुधवार को मतदान की तिथियां घोषित होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। जानकारी मिलते ही दलबल के साथ डीएम आदर्श सिंह ने चौराहों और गली-कूचों में लगे नेताओं के होर्डिंग, बैनर और पोस्टर को हटवाना शुरू कर दिया। उन्होंने दावा किया कि 24 घंटे के अंदर बैनर पोस्टर को हटवा दिया गया है। इसके बाद भी जिला अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में मुंख्यमंत्री के विकास वाले नए वर्ष के कैलेंडर लगाए गए हैं। वहीं रोडवेज बसों में लगे सीएम के फ्लैक्स को नहीं हटवाया गया।
जबकि ये बसे एक स्थान पर नहीं रहती हैं। दिन भर सड़कों पर फर्राटा भरती रहती हैं। उधर जिला अस्पताल में लगे नेताओं के बैनर और पोस्टर पर खबर प्रकाशित हुई तो डीएम ने सीएमओ और सीएमएस को पत्र जारी करके तत्काल होर्डिंग और बैनर को हटवाने के लिए निर्देश दिया। मगर सीएमएस ने न तो डीएम की सुनी और न ही उन्हें चुनाव आयोग का कोई डर और भय है। जबकि इमरजेंसी में टंगे कलेंडर में मुख्यमंत्री की फोटो लगी हुई है। उसमें विकास योजना के बारे में लिखा गया है। वहीं सीएम के फ्लैक्स लगी बसें सड़क पर दौड़ रही हैं।