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आठ माह में बेसिक शिक्षा विभाग में घट गए दिव्यांग शिक्षक

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प्रतापगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग में दिव्यांग बनकर नौकरी हासिल करने वाले शिक्षकों की जांच मेडिकल बोर्ड से होने का विभाग में पत्र आते ही लगभग आधे दिव्यांग शिक्षक सामान्य कोटे में चयन होने का दावा कर रहे हैं। बीआरसी से आई रिपोर्ट में खुलासा होने से विभागीय अधिकारी दंग हैं। हालत यह है कि विभाग ने बीईओ पर शिकंजा कसते हुए नियुक्ति पत्र मांग लिया है। इससे जिलेभर में हड़कंप मचा है।
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बेसिक शिक्षा विभाग में इन दिनों शिक्षकों के मूल अभिलेखों को मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। इसमें सभी शैक्षिक प्रमाणपत्रों को भी अपलोड करने को कहा गया है। इस बीच जिलेभर में शिक्षकों के अभिलेखों की जांच के लिए अभियान चलाया गया। इनमें दिव्यांग शिक्षकों की सूचना अलग से मांगकर मेडिकल बोर्ड से विकलांगता की जांच कराने को कहा गया।
बेसिक शिक्षा विभाग के पास शासन का पत्र आते ही खंड शिक्षा अधिकारियों से ऐसे अध्यापकों की सूची मांग ली गई। शिक्षक नेताओं ने खेल करते हुए अपने चहेते दिव्यांग शिक्षकों को बचाने के लिए उनकी नियुक्ति को सामान्य कोटे में दिखा दिया। आलम यह है कि आठ माह पहले विभाग की गणना में जहां 1170 दिव्यांग शिक्षक थे, वहीं इन दिनों इनकी संख्या आधी हो गई है। हालांकि विभाग यह कहकर बचाव कर रहा है कि अभी बीईओ ने रिपोर्ट ही नहीं दी है। विभाग ने अब सभी शिक्षकों से नियुक्ति पत्र मांग लिया है।
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तबादले और प्रमोशन में दिखाते हैं दिव्यांग प्रमाणपत्र
बेसिक शिक्षा विभाग में ऐसे भी दिव्यांग शिक्षक हैं, जो तबादला और प्रमोशन लेने में दिव्यांगता प्रमाणपत्र दिखाते हैं। वह दिव्यांगता भत्ता लेने से कतराते हैं। विभाग में लगभग 300 दिव्यांग शिक्षक हैं, जो भत्ते का लाभ उठा रहे हैं।
जो शिक्षक होशियारी दिखा रहे हैं, वह बच नहीं पाएंगे। मानव संपदा पोर्टल पर भी नियुक्ति पत्र अपलोड करना होगा। विभाग ने भी नियुक्ति पत्र तलब किया है। अगर कोई गलत सूचना देता है तो उसकी नौकरी भी जा सकती है। अभी दिव्यांग शिक्षकों की वास्तविक संख्या नहीं आई है।
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अशोक कुमार सिंह , बीएसए।
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