कॉलेज को बोर्ड परीक्षा का केंद्र न बनाने पर जिला विद्यालय निरीक्षक को मोबाइल पर धमकी देने वाला युवक पुलिस के हत्थे चढ़ गया। वह राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक का बेटा है और फाफामऊ स्थित एक इंजीनियरिंग कालेज में शिक्षक है। अधिकारियों ने उससे पूछताछ की। इसके बाद उसका शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया गया।
नगर कोतवाली सियाराम कॉलोनी निवासी अशोक तिवारी छत्रधारी इंटर कालेज लखपेड़ा भवानीगंज के प्रिंसिपल हैं। वह राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होने वाले शिक्षक हैं। उन्होंने भंगवा में कृपाशंकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोल रखा है। इस बार उनके स्कूल को बोर्ड परीक्षा का केंद्र नहीं बनाया गया था। दो दिन पहले जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ब्रजेश मिश्र को पूरे परिवार के साथ जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने धमकी देने वाले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर खोजबीन शुरू कर दी। काल डिटेल खंगालने के बाद पुलिस बुधवार की रात अशोक के बेटे विकास तिवारी की तलाश में उनके घर पहुंची लेकिन वह मिला नहीं। पुलिस की मानें तो कोषागार चौराहे से गुरुवार को विकास को गिरफ्तार कर लिया गया।
सीओ सिटी शशिशेखर दीक्षित, नगर कोतवाल और स्वाट टीम प्रभारी भी कोतवाली पहुंचकर विकास से पूछताछ करने लगे। सीओ सिटी ने बताया कि विकास फाफामऊ स्थित बीबीएस इंजीनियरिंग कालेज में शिक्षक है। काफी दिनों से उसके कालेज को परीक्षा केंद्र बनाया जाता रहा लेकिन इस बार कालेज को केंद्र नहीं बनाया गया। इस सिलसिले में कई बार परिवार के लोग डीआईओएस से मिले लेकिन वह आजकल मामला टरकाते रहे। इससे नाराज होकर उसने डीआईओएस को को फोन पर धमकी दी थी। आरोपी का शांति भंग की आशंका में चालान किया जा रहा है। आगे विवेचना में जो बातें सामने आएंगी। उसे शामिल कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।