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वीडीओ के बेटे की हत्या में बंद रहा दिलीपपुर बाजार

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बाजार बंद। - फोटो : PRATAPGARH
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वीडीओ के बेटे की हत्या में बंद रहा दिलीपपुर बाजार
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अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार नहीं थे परिजन, एसडीएम, सीओ के मदद के आश्वासन पर माने
अनहोनी की आशंका में कई थाने की फोर्स रही तैनात, परिजनों ने अभी नहीं दी है तहरीर
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। वीडीओ के बेटे कुलदीप पांडेय की हत्या के दूसरे दिन पुलिस के हाथ खाली रहे। कंधई पुलिस बदमाशों की शिनाख्त करने में लगी रही, मगर उसे सफलता नहीं मिली। उधर, घटना के विरोध में मंगलवार को दिलीपपुर बाजार बंद रहा। परिजन सुबह शव का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार नहीं थे। एसडीएम, सीओ और क्षेत्रीय विधायक के प्रतिनिधि नीरज ओझा के समझाने पर लोगों का आक्रोश शांत हुआ और शव लेकर प्रयागराज के लिए रवाना हुए। अफसरों ने परिजनों को 25 लाख रुपये, पत्नी को नौकरी और शस्त्र लाइसेंस देने का आश्वासन दिया है। अनहोनी की आशंका से कई थानों की फोर्स गांव में तैनात रही।
कंधई इलाके के दिवलहा गांव निवासी वीडीओ कमलाकांत पांडेय के बेटे कुलदीप पांडेय (28) की सोमवार रात हत्या कर बदमाशों ने बुलेट लूट ली थी। पुलिस बदमाशों के बारे में सुराग नहीं लगा सकी है। रात में ही पोस्टमार्टम होने के बाद शव घर पहुंच गया। सुबह परिजन अंतिम संस्कार करने को तैयार नहीं थे। आक्रोशित परिजनों की मांग थी कि बदमाशों को गिरफ्तार किया जाए, कुलदीप की विधवा को सरकारी नौकरी, 25 लाख रुपये और शस्त्र लाइसेंस दिया जाए। सीओ पट्टी, रानीगंज के साथ रानीगंज एसडीएम जेआर चौधरी के साथ ही क्षेत्रीय विधायक के प्रतिनिधि के तौर पर गांव पहुंचे नीरज ओझा के आश्वासन पर दोपहर करीब बारह बजे परिजन शव का अंतिम संस्कार करने के लिए प्रयागराज के लिए रवाना हुए। कंधई पुलिस की नाकामी से नाराज दिलीपपुर के व्यापारियों ने मंगलवार को दुकानें बंद रखीं। व्यापारियों की मांग थी कि घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए। इधर, अनहोनी की आशंका के चलते कई थानों की फोर्स गांव में तैनात रही। कंधई पुलिस ने बताया कि अभी तहरीर नहीं मिली है।
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मोबाइल और व्हाट्सएप से नहीं मिला कोई सुराग
कुलदीप पांडेय की हत्या के कारणों की वजह पुलिस नहीं खोज पा रही है। कुलदीप के मोबाइल से बदमाशों तक पहुंचने का प्रयास करती रही, मगर उसे कोई कामयाबी नहीं मिली। घटना के दिन कुलदीप ने सिर्फ अपने पिता और चाचा से बात की थी। व्हाट्सएप में भी सिर्फ आठ लोग जुडे़ हुए हैं। किसी से कोई चैटिंग भी नहीं मिली है, जिससे पुलिस बदमाशों तक पहुंचने का रास्ता खोजे।
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कुलदीप का नहीं था किसी से कोई विवाद
कंधई पुलिस के मुताबिक कुलदीप का किसी से कोई विवाद नहीं था। हत्या कैसे हुई, क्या वजह हो सकती है, इसकी तह में जाने का प्रयास किया जा रहा है। कुलदीप के दोस्तों से अब पुलिस बदमाशों तक पहुंचने के लिए जानकारी जुटा रही है।
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