फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भांग, धतूरा, बेलपत्र से किया जलाभिषेक

विज्ञापन
सावन माह के तीसरे सोमवार को बाबा घुइसरनाथधाम में जलाभिषेक करने को श्रद्घालुओं की लगी कतार। - फोटो : PRATAPGARH
विज्ञापन
सावन के तीसरे सोमवार को सोमवती अमावस्या होने से शिवालयों में भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने शिवालयों में भांग, धतूरा, बेलपत्र और पुष्प के साथ भगवान भोलेशंकर का जलाभिषेक किया। शिवधामों में सुबह चार बजे से ही भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। भोलेनाथ की आरती होने के बाद प्रारंभ हुआ दर्शन-पूजन का क्रम देर शाम तक चलता रहा।
विज्ञापन

सुरक्षा में लगे लोग मंदिर में आने वालों को सोशल डिस्टेंसिंग और मॉस्क लगाने की सलाह दे रहे थे, मगर इसका कोई पालन नहीं कर रहा था। सोमवती अमावस्या पर सांसद संगमलाल गुप्ता ने जामताली स्थित कमलेश्वरनाथ मंदिर पहुंचकर रुद्राभिषेक किया।
जिले के घुइसरनाथधाम और बेलखरनाथधाम में शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया और भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए ऊं नम: शिवाय का जाप किया। बेलखरनाथधाम, घुइसरनाथधाम में सुबह चार बजे आरती होने के साथ ही दर्शन-पूजन शुरू हो गया। कोरोना संक्रमण को देखते हुए शिवधामों में जलाभिषेक पर रोक लगी हुई थी, मग
विज्ञापन

र सोमवार को पहुंचने वाले अधिकांश भक्तों के हाथ में जल था। मंदिर परिसर के बाहर खड़े लोग मॉस्क लगाने और सामाजिक दूरी बनाने का आह्वान करते रहे, मगर भक्त मंदिर के अंदर घुसने की ताक में थे। सुबह भीड़ अधिक होने के कारण भक्तों की लंबी लाइन लगाई गई थी। घुइसरनाथधाम में गर्भगृह में पहुंचकर शिवलिंग पर भी लोगों ने जलाभिषेक किया।
धतूर, बेलपत्र और पीला पुष्प चढ़ाकर भगवान शिव को प्रसन्न करने का प्रयास किया। दर्शन करने के बाद लोग भस्म लगाकर आशीर्वाद लेना नहीं भूले। शिवधामों में रुद्राभिषेक करने पर रोक लगने के कारण सांसद संगमलाल गुप्ता ने सोमवार को जामताली स्थित कमलेश्वर धाम पहुंचकर रुद्राभिषेक किया। इस दौरान वह सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन किया गया।
भीगते हुए पहुंचे शिवभक्त, लगाया जयकारा
स्या पर सुबह से ही भारी बरसात होने के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिली। दूरदराज से आने वाले भक्त भीगते हुए मंदिर पहुंचे और भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। सुबह चार बजे आरती के बाद से ही भक्तों के उमड़ने का सिलसिला प्रारंभ हुआ, जो दोपहर बारह बजे तक जारी रहा।
पति की लंबी उम्र के लिए रखा व्रत
सोमवती अमावस्या पर विवाहित महिलाओं ने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखा और शिव मंदिरों की परिक्रमा की। अधिकांश व्रती महिलाओं ने शिवधाम पहुंचकर पूजा-अर्चना की। सोमवती अमावस्या होने के कारण बेल्हा देवी स्थित शिवमंदिर में शाम को पूजा करने के लिए भारी संख्या में महिलाएं उमड़ पड़ीं।

सावन माह के तीसरे सोमवार को बाबा बेलखरनाथधाम में जलाभिषेक करते श्रद्घालु।- फोटो : PRATAPGARH

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें