फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कारोबारी रियायत मिलने के बाद भी नहीं दाखिल कर रहे रिटर्न

Sun, 14 Jan 2018 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
विज्ञापन
जीएसटी
विज्ञापन
जिले के बहुत से व्यापारी रिटर्न दाखिल करने में अब भी कोताही बरत रहे हैं। इसका खुलासा तब हुआ जब जीएसटी लागू होने के बाद पहली बार वाणिज्य कर विभाग मुख्यालय से ऐसे व्यापारियों की सूची सार्वजनिक की गई है। यह हाल तब है जब विभाग की ओर से रियायत देते हुए विलंब शुल्क घटा दिया गया है।
विज्ञापन

जीएसटी के तहत पंजीकरण कराने वाले व्यापारियों को प्रत्येक माह की 20 तारीख तक ऑनलाइन रिटर्न दाखिल करना पड़ता है। तय तिथि तक रिटर्न दाखिल न करने वाले व्यापारियों से पूर्व में प्रतिदिन 200 रुपये की दर से अर्थदंड वसूली होती थी। मगर बाद में हुए संसोधन में सरकार ने व्यापारियों के हित में विलंब शुल्क घटाकर 50 रुपये प्रतिदिन कर दिया है। नियमित रूप से रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले व्यापारियों की जिले वार सूची पहली बार लखनऊ में जारी की गई। इसमें खुलासा हुआ है कि जिले के 1,472 व्यापारी ऐसे हैं, जो नियमित रूप से रिटर्न नहीं दाखिल कर रहे हैं। अगर पंजीकरण कराने वाले किसी व्यापारी ने उस माह में कोई खरीद-फरोख्त नहीं की है तो उसे प्रतिमाह 20 रुपये की दर से विलंब शुल्क चुकता करना होगा। दरअसल जुलाई में जीएसटी लागू होने के बाद शुरुआत में व्यापारियों को ऑनलाइन रिटर्न भरने की जानकारी नहीं थी। इसलिए केंद्र सरकार ने तीन माह की छूट दे दी थी। सूत्रों की मानें तो व्यापारियों को आशा है कि आगे भी विलंब शुल्क भुगतान से छूट मिल सकती है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अब विलंब शुल्क पर कोई छूट मिलने की उम्मीद नहीं है।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें