विद्युत विभाग एक तरफ इलेक्ट्रानिक मीटर लगवाने की कवायद कर रहा है वहीं दूसरी ओर कई घर ऐसे भी हैं जहां मीटर तक नहीं लगे हैं। मीटर रीडिंग करने वाले कर्मचारियों की कृपा से उन तक जांच की आंच नहीं पहुंच रही है। ऐसे में विभाग को उनके नुमाइंदे ही घाटे में डाल रहे हैं। इन दिनों विभाग द्वारा शहर के उपभोक्ताओं के घरों में लगे कैलेंडर टाइप मीटर के स्थान पर इलेक्ट्रानिक मीटर लगाने की कवायद चल रही है। इसके लिए विभाग ने उपभोक्ताओं को कार्यालय में संपर्क करने के लिए भी कहा है। इसके साथ डीएम ने भी चोरी रोकने के लिए विभागीय अधिकारियों पर नकेल कसी है। इसके बाद भी चोरी थमने का नाम नहीं ले रही है।
शहर के कई वार्डों में ऐसे भी घर हैं जहां कैलेंडर मीटर तो दूर की बात मीटर ही नहीं लगे हैं। कुछ सरकारी कॉलोनियों में भी मीटर नहीं लगे हैं। ऐसा इसलिए नहीं कि अधिकारी वहां जांच करने नहीं जाते बल्कि विभाग के कर्मचारियों की ही कृपा उन पर बनी है। इस वजह से उन्हें मीटर न लगवाने का कोई डर नहीं है। मीटर रीडिंग लेने वाले विभाग के कर्मचारी ही यह जुगाड़ बताते हैं। इसके बदले वे सुविधा शुल्क वसूलते हैं। इसके अलावा मीटर लगाने वाले उपभोक्ताओं को भी वे कम रीडिंग आने का जुगाड़ बताते हैं। शहर के अजीतनगर स्थित सरकारी कॉलोनी में कुछ घर ऐसे हैं जहां अभी तक मीटर नहीं लगे हैं। सदर बाजार, मीराभवन, दहिलामऊ समेत कई क्षेत्रों में कुछ घर ऐसे हैं जहां मीटर नहीं लगाए गए हैं। वहां के लोग रीडिंग कर्मचारियों की मेहरबानी से अपना काम चला रहे हैं।