रेलवे स्टेशन पर मांगों को लेकर प्रदर्शन करते नार्दन रेलवे मेन्स यूनियन के लोग।
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आम रेल बजट के विरोध में लामबंद रेलवे संगठनों मेंस और मजदूर यूनियनों ने सोमवार को प्रतापगढ़ स्टेशन पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि बजट में उनके हितों की अनदेखी हुई है। सरकारी उपक्रमों के निजीकरण पर अधिक फोकस है। बिना संघटनों को विश्वास में लिए सरकार श्रमिक कानूनों को खत्म करने की साजिश में जुटी है।
कर्मचारियों ने रेलवे स्टेशन पर बजट के विरोध में ध्यानाकर्षण दिवस मनाया। इस मौके पर मेंस यूनियन के शाखा अध्यक्ष शफीक अहमद ने कहा कि बजट कर्मचारी विरोधी है। सचिव अनिल शुक्ला ने कहा कि आत्मनिर्भर की बात झुनझुना साबित हो रही है। रोजगार देना, उद्योग की स्थापना आत्मनिर्भर होना है, न कि कर्ज देकर कर्जदार बनाना।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व के आह्वान पर ध्यानाकर्षण दिवस मनाया गया। जिसके माध्यम से फ्रीज डीए और एनसीपी को बहाल करने की मांग की गई। इस मौके पर मोहम्मद अनीश, मनीष पांडेय, बबिता पांडेय समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।
उधर, उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन ने भी ध्यानाकर्षण दिवस मनाया। जिसमें शाखा मंत्री धर्मेंद्र दुबे ने कहा कि डीए और एनपीए को तत्काल बहाल किया जाए। कोरोना के संक्रमण से जिन लोगों की मृत्यु हुई है, उनके परिजनों को तत्काल मुआवजा दिया जाए। एमएसपी को एक जनवरी 2006 से लागू किया जाए। संचालन मोहम्मद अफजल खान ने किया। प्रदर्शन में प्रदीप कुमार शर्मा, जीपी पांडे, श्रीकांत त्रिपाठी, रहमतुल्ला, मोहम्मद रईस, मोहम्मद यासिर आदि शामिल रहे।