बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष धनन्जय मिश्रा के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वकीलों ने सीओ का घेराव किया। तहसील के कार्यालयाें में तालाबंदी कर हाईवे पर प्रदर्शन व नारेबाजी की गई। वकीलों ने कहा कि दो दिन में हत्यारोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार नहीं की तो प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
लालगंज तहसील में बुधवार को संयुक्त अधिवक्ता संघ के तत्वावधान में वकीलों ने सदन की बैठक बुलाई। इसमें अधिवक्ता धनंजय मिश्रा के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की रणनीति बनाई गई। अध्यक्ष देवी प्रसाद मिश्र व महामंत्री संदीप सिंह तथा उपाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह की अगुवाई में वकीलों ने आम सहमति से हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया। इसके बाद वकीलों ने तहसील के सरकारी कार्यालयों में तालाबंदी की। जुलूस निकालकर लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर नारेबाजी करते हुए पहुंच गए। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से आक्रोशित वकीलों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। हाईवे पर प्रदर्शन करते हुए वकील सीओ दफ्तर पहुंचे। यहां सीओ अतुल कुमार सोनकर का घेराव कर साथी धनंजय के हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गए। सीओ के आश्वासन पर वकीलों का गुस्सा शांत हुआ। इसके बाद सीओ को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें कहा कि हत्यारोपियों को 28 अप्रैल तक गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो वे आंदोलन व प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे। वकीलों ने चेतावनी भी दी है कि निर्धारित अवधि तक हत्यारोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो उसके बाद कोई भी अनहोनी होती है तो सीधे प्रशासन जिम्मेदार होगा। इस मौके पर ज्ञानप्रकाश शुक्ल, अजय शुक्ल, विकास मिश्रा, शैलेंद्र सिंह, संतोष सिंह, शेष तिवारी, अनिल महेश, हरिशंकर दुबे, रामअभिलाष यादव, दिनेश सिंह, अजय यादव, कमलेश तिवारी, कुलदीप तिवारी, केबी सिंह, संजय पांडेय, अरुण दुबे, घनश्याम सरोज, बृजराज यादव, पारसनाथ सरोज आदि मौजूद रहे।
संयुक्त अधिवक्ता संघ ने बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष धनंजय मिश्रा की हत्या के बाद उनके परिजनाें से मुलाकात कर बुधवार को संघ की ओर से 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की। मृतक के बेेटे के हाथ में नकदी देेने के बाद वकीलों ने कहा कि संगठन पीड़ित परिवार की दुख की इस घड़ी में साथ खड़ा है। इस मौके पर तमाम वकील मौजूद रहे।
अधिवक्ता हत्याकांड में तीन दिन बाद भी लालगंज पुलिस के हाथ खाली हैं। हत्यारोपियाें की तलाश में पुलिस हवा में तीर मार रही है। गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनाें व ग्रामीणाें में आक्रोश है।लालगंज कोतवाली के जलेशरगंज निवासी लालगंज तहसील बार एसोशिएसन के पूर्व अध्यक्ष धनंजय मिश्रा की सोमवार को बाइक सवार चार बदमाशाें ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद हत्यारोपी फरार हो गए। मंगलवार को पीएम के बाद शव के घर पहुंचने पर ग्रामीणाें, वकीलाें व परिजनाें ने हत्यारोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया था। गिरफ्तारी के बाद ही परिजन शव का अंतिम संस्कार करने की मांग पर अड़े थे। लेकिन प्रशासन ने दो दिन के भीतर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। लेकिन पुलिस के हाथ हत्या के तीन दिन बाद भी खाली हैं। वहीं दिवंगत वकील के परिजनाें से मिलने व संवेदना व्यक्त करने वालाें को तांता लगा है। गांव में हालात तनावपूर्ण बताया जा रहा है। लेकिन पुलिस की मौजूदगी के चलते स्थित नियंत्रण में है।रामपुर खास विधायक आराधना मिश्रा मोना बुधवार को जलेशरगंज निवासी अधिवक्ता धनंजय मिश्रा की हत्या के बाद शोक संवेदना जताने घर पहुंची। विधायक ने हत्याकांड की निंदा करते हुए परिजनाें को ढांढस बंधाया और हत्या को लेकर आक्रोश जताया। परिजनाें को ढांढस बंधाने के बाद ग्रामीणाें को भरोसा दिलाया कि अधिवक्ता के हत्यारे जल्द सलाखाें के पीछे होंगे। यहां सीओ अतुल कुमार सोनकर से विधायक आराधना ने पुलिस द्वारा अब तक की गई कार्रवाई पर भी चर्चा की। उन्होंने पुलिस से साफ कहा कि हत्याकांड को सुलझाने में अगर पुलिस ने लापरवाही दिखाई तो बख्शा नहीं जाएगा। विधायक ने पुरवारा के कटरा दुग्धा निवासी मुन्ना पटेल के निधन पर संवेदना जताई। इस मौके पर प्रतिनिध भगवती प्रसाद तिवारी, मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल, लल्ले पांडेय, सुनील तिवारी, मोनू पांडेय, ओमप्रकाश जायसवाल, भुवनेश्वर शुक्ल, रवींद्र मिश्रा आदि मौजूद रहे।