पेंशन नीति को लागू करने, दैनिक भोगी कर्मचारियों को नियमित करने सहित सात सूत्रीय मांगों को लेकर शुक्रवार को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में एक दिवसीय तालाबंदी की गई। प्रतापगढ़ क्षेत्र की 98 की शाखाओं में ताला लटकने से लेन-देन ठप रहा। बैंकों के सामने एकत्रित कर्मचारियों ने अपनी आवाज बुलंद की। कर्मचारियों नेताओं ने चेताया है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक आफीसर्स एसोसिएशन एवं इंपलाइज यूनियन के आह्वान एक दिवसीय बंदी पूरी तरह सफल रही। कर्मचारियों के तालाबंदी के चलते बैंक के दरवाजे ग्राहकों के लिए बंद रहे। इससे रुपये निकालने के लिए पहुंचने वाले ग्राहकों को मायूस होना पड़ा। प्रतापगढ़ क्षेत्र में क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की सबसे अधिक 98 शाखाएं है। इधर मीराभवन चौराहा स्थित बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय पर एकजुट कर्मचारियों ने प्रबंधन पर अपने गुस्से का इजहार करते हुए पदोन्नति और भर्ती प्रक्रिया में संशोधन करने, भारतीय राष्ट्रीय ग्रामीण बैंक की स्थापना करने, पेंशन नीति लागू करने और दैनिक भोगी कर्मचारियों को नियमित करने की मांग प्रमुख्रता से उठाई। धरने को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेता डीपी सिंह ने कहा कि अभी तो हमारी सांकेतिक हड़ताल है, अगर प्रबंधन ने मांगों पर गौर नहीं किया, तो सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे। शैलेंद्र सिंह ने कहा कि कर्मचारी हित में केंद्र सरकार को हमारी मांगों को मानना ही होगा। इस मौके पर वीके पांडेय, वीपी त्रिपाठी, एमके सिंह, आरके सिंह, पवन कुमार झा, अमृतलाल त्रिपाठी, विनोद कुमार सिंह, विभूति सोनी आदि मौजूद रहे।