बर्तन की दुकान पर स्पेशल फूल (कांसा) थाली सेट। संवाद
सहालग से पहले स्टील के साथ ही बाजार में तांबे, पीतल के बर्तनों की मांग बढ़ गई है। दुल्हन की विदाई के सामानों से लेकर उपहारों की सूची में तांबे, पीतल के बर्तन जगह बना रहे हैं। पहले जहां स्टील के चमचमाते बर्तन उपहार की पहली पसंद होते थे, वहीं अब पीतल और तांबे के पारंपरिक बर्तनों का चलन फिर से बढ़ा है।
पीतल और तांबे की डिजाइनर थालियां, कटोरियां, गिलास, लोटे और कड़ाहियां ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। चौक के बर्तन व्यापारी विनोद कुमार ने बताया कि पहले लोग स्टील इसलिए लेते थे क्योंकि वह सस्ता व टिकाऊ लगता था, लेकिन अब जागरूकता बढ़ी है।
तांबे और पीतल में खाना पकाने से पानी और भोजन में प्राकृतिक गुण आते हैं, जाे शरीर को आयरन, मिनरल व जिंक प्रदान करते हैं। यही नहीं, इनकी वापसी पर भी अच्छी कीमत मिल जाती है। पीतल-तांबे का पुराना सेट भी 70-80 फीसदी कीमत पर बिक जाता है।
ठठेरी बाजार के दुकानदार विनय कुमार ने बताया कि अब बाजार में नई डिजाइनों के तांबे, पीतल के बर्तन मुरादाबाद और बरेली से मंगाए गए हैं। हैंडक्राॅफ्टेड पीतल की थालियां, नक्काशीदार तांबे के गिलास, डिजाइनयुक्त कटोरियां और चम्मच सेट अब शादी के गिफ्ट पैक में शामिल हो रहे हैं।
पीतल का एक सेट 2500 से 3000 रुपये, फूल थाली सेट 3500 से 5000 रुपये तक बिक रहा है। महंगे सेट में सोने-चांदी के पालिश वाले बर्तन भी हैं। जिनकी कीमत 10 से 15 हजार तक है। तांबे की थाली 800 से 1000 एवं गिलास 350 से 500 रुपये के बीच बिक रहा है।