असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा निरस्त कर दोबारा कराए जाने की मांग को लेकर प्रतियोगियों ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग कार्यालय पर प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा। प्रतियोगियों के 17 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता में कार्यवाहक अध्यक्ष सुचित कुमार ने शासन में उनकी मांग रखने का आश्वासन दिया।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत प्रतियोगियों के पहुंचने का क्रम 11 बजे से पहले ही शुरू हो गया था। दिन में 12 बजे तक सैकड़ों लोग आयोग दफ्तर पर पहुंच गए। आंदोलनरत प्रतियोगियों ने मांग के समर्थन में लगातार नारेबाजी की। तीन घंटे से अधिक देर तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद कार्यवाहक अध्यक्ष ने प्रतियोगियों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया और करीब दो घंटे तक वार्ता चली।
प्रतियोगियों ने विज्ञापन संख्या 51 के तहत आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा में धांधली का आरोप लगाते हुए उसे निरस्त करने की मांग की। उन्होंने अपनी मांग के पक्ष में कई तर्क भी दिए। इसमें नकल करते पकड़े अभ्यर्थी के खिलाफ एफआईआर लिखा जाने, प्रो.कीर्ति पांडेय का अध्यक्ष पद से इस्तीफा, उपसचिव का तबादला समेत कई अन्य कारण शामिल रहे।
नियुक्ति की प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए उन्होंने परीक्षा नियंत्रक को हटाए जाने की मांग की। प्रतियोगियों ने रोल नंबर और रजिस्ट्रेशन नंबर के अनुसार परीक्षा केंद्र आवंटन का विरोध किया। रैंडमाइजेशन के आधार पर केंद्र आवंटन की मांग की। उन्होंने एक विषय के अभ्यर्थियों को साथ-साथ नहीं बैठाने समेत कई अन्य मांगें रखीं।
वार्ता में शामिल कार्यवाहक अध्यक्ष एवं सचिव मनोज कुमार ने प्रतियोगियों को आश्वासन दिया कि उनकी बात शासन में मजबूती से रखेंगे। शासन के निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान मनीष सिंह, बृजेंद्र सिंह, अजय विक्रम, लालता प्रसाद, शशिकांत, सुनील मौर्य, पूजा, सविता, अरविंद, अवनीश यादव, विनोद यादव, अभिजीत सिंह रहे।