जिले में 1650 मीट्रिक टन डीएपी कम पड़ गई है। 172 साधन सहकारी समितियों में 12 समितियों पर खाद भेजी गई , मगर 46 समितियां ऐसी हैं, जहां अभी तक खाद नहीं भेजी जा सकी है। ऐसे में इन समितियों से संबंधित किसान चिंतित हैं।
जिले में इन दिनों आलू की बोवाई चल रही है। किसान गेहूं बोने की तैयारी कर रहे हैं। इन दिनों किसानों को डीएपी की जरूरत है। जिले के 126 साधन सहकारी समितियों के माध्यम से डीएपी का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। मगर 46 समितियों के खाद नहीं मिलने से किसान परेशान हैं।
दरअसल में डीएपी की इतनी मांग थी, उसे गोदाम में रखने की आवश्यकता ही नहीं पड़ी, बल्कि सीधे से समितियों को भेज दी गई। अब डीएपी कब आएगी, इस बारे में कृषि अधिकारी भी नहीं बता पा रहे है। किसान साधन सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं। सहायक निबंधक नरेंद्र यादव ने बताया कि दो रेक डीएपी की मांग की गई है। रेक आते ही डीएपी समितियों पर भेजी जाएगी।