एसबीआई (भारतीय स्टेट बैंक) की शाखा सैफाबाद से ऋण अनुदान की चेक गायब हो गई हैं। दूसरा चेक देने के लिए अपर जिला विकास अधिकारी (समाज कल्याण) को पत्र लिखा है। अपर जिला विकास अधिकारी समाज कल्याण जीतेन्द्र सिंह ने चेक गायब होने का कारण शाखा से पूछा है। यह भी पूछा है कि अनुदान राशि देने के बाद भी पात्रों को क्यों नहीं दिया जा रह है।
केन्द्र सरकार समाज कल्याण विभाग में स्पेशल कंपोनेंट प्लान (एससीपी) योजना चला रही है। इसके तहत गरीबों को रोजगार के लिए ऋण दिए जाने का प्राविधान है। विभाग के लोग बताते हैं कि सारडीह निवासी दिनेश कुमार पुत्र मुरली एवं रमेश कुमार पुत्र बाबूलाल ने योजना से ऋण लेने के लिए आवेदन किया। ऋण पास होने के बाद मार्च 2014 में अनुदान राशि एसबीआई सैफाबाद को चेक के जरिए भेजी गई। बताया गया कि वह चेक बैंक से खो गई है। शाखा ने अनुदान राशि की दूसरी चेक मांगी है।
इसी तरह सुखारपुर निवासी रामअंजोर पुत्र प्रभु सरोज को भी योजना के तहत ऋण देने के लिए इसी शाखा को विभाग ने अनुदान राशि चेक से दी है। अनुदान राशि पाने के बाद भीबैंक से पात्र को ऋण नहीं मिला। स्थिति को देखते हुए अपर जिला विकास अधिकारी समाज कल्याण ने बैंक शाखा से चेक गायब होने में लापरवाही और अनुदान राशि देने के बाद भी पात्र को ऋण न देने की वजह भी स्पष्ट करें। जिला विकास अधिकारी समाज कल्याण का मानना है कि तमाम ऐसे पात्र हैं जिनका ऋण पास होने और विभाग से अनुदान राशि लेने के बाद भी बैंक ने पैसा लाभार्थी को नहीं दिया। मामले की जांच कराई जा रही है।
पंजाब नेशनल बैंक शाखा कुंडा, एसबीआई शाखा रानीगंज व सुवंसा और इंडियन ओवरसीज बैंक शाखा पट्टी एससीपी के तहत स्वीकृत पात्रों की फाइल नहीं ले रही हैं। इसकी शिकायत तमाम पात्रों ने अपर जिला विकास अधिकारी समाज कल्याण से की है। एडीओ ने इस बाबत बैंक अधिकारियों से बात की। उन्हें बताया गया कि इन बैंकों को अभी गांव एलॉट नहीं किया गया है। अब सवाल यह उठता है कि गांव नहीं एलॉट तो क्या बैंक काम नहीं कर रहे हैं।
एसबीआई के चीफ मैनेजर सुधीर कुमार ने बताया कि शाखा से चेक गायब हो गई है तो बैंक से नानपेमेंट एडवाइस ले कर दूसरी चेक दी जा सकती है। यदि चेक बैंक पहुंची है तो वह गायब नहीं, कहीं मिस हो गई होगी। फिलहाल मामला दिखवाया जाएगा। एसबीआई की कोई शाखा ऋण फाइल नहीं ले रही तो कुछ त्रुटियां होंगी। कमियों को दूर कर फाइल लगाई जाए।