एसटीएफ की हिरासत में एनडीपीएस के वांछित अजय सिंह की मौत के मामले में दो महिला सिपाही समेत अज्ञात के खिलाफ सांगीपुर थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ है। केस दर्ज होने के बाद नामजदगी की मांग पर अड़े परिजनों ने डीएम-एसपी से मिलकर दोषी पुलिसकर्मियों को चिह्नित कर कार्रवाई की मांग की। डीएम ने परिजनों को आश्वस्त किया कि प्रकरण की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सांगीपुर थाना क्षेत्र के लखहरा गांव निवासी अजय कुमार सिंह पत्नी व चार बेटियों के साथ दिल्ली में रहता था। गांव में उसका मत्स्य पालन का व्यवसाय है। इसी सिलसिले में अजय अपनी दूसरे नंबर की बेटी जाह्नवी सिंह के साथ कुछ दिनों पहले गांव आया था। रविवार की शाम एसटीएफ लखनऊ अजय सिंह को एनडीपीएस का वांछित बताते हुए हिरासत में लेकर घर से चली गई। करीब साढ़े तीन घंटे बाद अजय के मौत की खबर मिलने पर चीख-पुकार मच गई। शाम सात बजे बेटी जाह्नवी सिंह सांगीपुर थाने पहुंची और दो अज्ञात महिला सिपाहियों समेत कुछ अन्य के खिलाफ तहरीर दी। बेटी की तहरीर में कहा गया कि चीारदीवारी कूदकर लोग उसके घर में घुसे और सो रहे पिता अजय सिंह की पिटाई करते हुए एनडीपीएस का आरोपी बताकर जबरन वाहन में लादकर उठा ले गए। बाद में प्रताड़ना देकर उसके पिता की हत्या कर दी। पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की तहरीर मिलने पर अफसर काफी देर तक ऊहापोह में रहे। देर रात तक जाह्नवी को थाने में ही पुलिस अफसर समझाते रहे, लेकिन बात नहीं बनी। परिजनों के अड़ने पर सोमवार को सांगीपुर थाने में दो अज्ञात महिला सिपाही समेत कुछ अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर लिया गया। चूंकि रात में दी गई तहरीर में किसी आरोपी का नाम नहीं था। पुलिस ने थाने में डटे परिजनों को एफआईआर की कापी भी उपलब्ध करा दी गई। इसके पश्चात बेटी जानवी अपने परिजनों संग कार्रवाई की मांग को लेकर डीएम से मिलने उनके आवास पहुंची। जहां डीएम व एसपी से मिलकर उसने आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। डीएम संजीव रंजन ने भरोसा दिलाया कि जांच के बाद कार्रवाई होगी। तनाव को देखते हुए मोर्चरी से लेकर लखहरा तक पुलिस तैनात रही। देर शाम तक शव का पोस्टमार्टम होता रहा। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के गोमती नगर थाने में दर्ज है केस
एसटीएफ जिस एनडीपीएस के मामले में अजय सिंह को गिरफ्तार करने आई थी, वह लखनऊ से जुड़ा मामला था। पुलिस के मुताबिक लखनऊ के गोमती नगर थाने में अजय सिंह के खिलाफ मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में क्राइम नंबर 78/24 दर्ज है। उसी केस के सिलसिले वांछित अजय को एसटीएफ की टीम ने हिरासत में लिया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी की सीडीआर और काल रिकार्डिंग भी है। इसमें उसकी मादक पदार्थ के संबंध में लोगों से बातचीत की गई।
आरोपियों का नाम जोड़ने पर तीन घंटे अड़ी रही बेटी
एसटीएफ की हिरासत में अजय की मौत को लेकर बेटी जाह्नवी की तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया। एफआईआर की काॅपी मिलने के बाद किसी के नामजद नहीं होने पर वह नाराज हो गई। सोमवार को वह थाने में करीब तीन घंटे बैठकर हत्या के मामले में नामजद करने मांग पर अड़ी रही। उसका कहना था कि जब तक आरोपियों का नाम एफआईआर में नहीं जुड़ेगा तब तक वह थाने से नहीं जाएगी। हालांकि बाद में पुलिस ने उसे समझाया कि एसटीएफ टीम के सदस्यों का नाम उसे बता दिया जाएगा। विवेचना के दौरान ही अब आरोपियों का नाम जुड़ सकेगा।
तीनों बेटियों सहित पत्नी पहुंची गांव तो मची चीखपुकार
अजय सिंह की मौत की जानकारी होने पर पत्नी चंद्रा सिंह अपनी बेटी अदिती सिंह, मानसी सिंह व गीतांजलि सिंह के साथ सोमवार दोपहर गांव पहुंची तो चीखपुकार मच गई। उनके साथ मृतक की सास हरप्रीत कौर भी घर आई थीं।
वीडियोग्राफी के बीच पैनल ने किया पोस्टमार्टम, कराया एक्सरे
अजय सिंह के मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए चिकित्सकों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। परिवार के एक सदस्य को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के दौरान मौजूद रहने दिया गया। अजय के शव का राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय में एक्सरे कराया गया। तहसीलदार सदर विनय द्विवेदी की मौजूदगी में पुलिस ने पंचायतनामा भरा। मोर्चरी पर मौजूद एएसपी पूर्वी दुर्गेश सिंह, सीओ सिटी शिवनारायण साहू, नगर कोतवाल भी मौजूद रहे।