नगर कोतवाली के भोरई का पुरवा चिलबिला में सोमवार की सुबह खेत में काम करते समय कलीमउल्ला उर्फ छेदीलाल (55) की बिजली के खंभे में उतरे करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। अनहोनी से आक्रोशित ग्रामीण उसका शव लेकर उपकेंद्र पहुंच गए। लोगों का गुस्सा देखकर कर्मचारी उपकेंद्र से भाग निकले। वहां करीब चार घंटे हंगामा चलता रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस लोगों को किसी तरह समझा बुझाकर शांत कराया। ग्रामीणों का आरोप था कि शिकायत के बाद भी बिजली कर्मियों ने मरम्मत नहीं की, जिसकी वजह से हादसा हो गया।
सोमवार की सुबह कलीमउल्ला उर्फ छेदी गांव के पंकज के खेत में मजदूरी करने गया था। काम के दौरान बिजली के खंभे में करंट की चपेट में छेदी की चीख निकल गई। आसपास के लोगों के शोर मचाने पर परिजन भागकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने हादसे की सूचना देकर बिजली आपूर्ति बंद कराई। परिजन ग्रामीणों के साथ गंभीर हालत में छेदी को लेकर मेडिकल कॉलेज गए। जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
छेदी को मृत घोषित करते ही परिजन रोने बिलखने लगे। घटना की जानकारी पाकर बड़ी संख्या में ग्रामीण मेडिकल कॉलेज परिसर में जुटे। आक्रोशित लोग छेदी का शव लेकर विद्युत उपकेंद्र चिलबिला पहुंचे। उपकेंद्र के बाहर शव रखकर लोग नारेबाजी करने लगे। इस बीच लोगों गुस्सा देखकर कर्मचारी बिजली उपकेंद्र से भाग निकले। करीब चार घंटे तक हंगामा चलता रहा। मौके पर पहुंची चिलबिला पुलिस पहुंची। पुलिस ने नाराज लोगों से बातचीत की फिर उन्हें समझा बुझाकर शांत कराया। खंभे में उतरे करंट और प्रभावी कार्रवाई के आश्वासन पाकर लोग वापस वहां से हटे। इसके काफी देर बाद माहौल शांत देखकर उपकेंद्र कर्मी भी लौट आए।
मृतक कलीमउल्ला उर्फ छेदीलाल की पत्नी रफातुल निशा ने पुलिस को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि एक माह से बिजली के पोल में करंट उतर रहा था। 22 जुलाई को गांव के संतोष व उदयराज ने शिकायत की थी। पत्र भी दिया था। इसके बाद भी मरम्मत नहीं की गई। रफातुल निशा ने जेई प्रमोद मौर्या व लाइनमैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर दी गई। छेदी के छह बच्चे हैं। नगर कोतवाल सत्येंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
चार घंटे बंद रही बिजली आपूर्ति
चिलबिला विद्युत उपकेंद्र के चार फीडरों से करीब डेढ़ सौ गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। मजदूर छेदीलाल की मौत से आक्रोशित लोगों ने उपकेंद्र पहुंचने के बाद सभी फीडर बंद कर दिए थे। देर शाम तक यह स्पष्ट नहीं हो सका था कि बिजली कर्मियों ने फीडर बंद किए या ग्रामीणों ने, इस बारे में पुलिस भी कुछ नहीं बता सकी। फीडर बंद होने की इस वजह से मंदाह, ओझला, महुली, खमपुर, गोड़े, सोनावा क्षेत्र के करीब 150 से अधिक गांवों की आपूर्ति चार घंटे तक बाधित रही।
सूरत में मदाफरपुर के युवक की करंट से मौत
मदाफरपुर। कोहंडौर बाजार निवासी नंदलाल गुजरात के सूरत शहर में एक निजी कंपनी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था। परिजनों के मुताबिक शनिवार की शाम काम के दौरान करंट की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। इससे आक्रोशित कंपनी के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। इधर, रोते बिलखते परिजन नंदलाल का शव आने का इंतजार कर रहे हैं। संवाद