फसलों का बीमा कराने वाले किसानों को इंश्योरेंस कंपनियों से भी राहत की खास उम्मीद नहीं दिख रही। किसानों की फसल बेमौसम बारिश से नष्ट हो गई है, मगर बीमा कंपनियों ने प्रभावित किसानों के क्लेम को लेकर कोई कवायद नहीं शुरू की। जिस पर प्रशासन ने बीमा कंपनियों की नकेल कसने की कवायद शुरू कर दी है।
20014-2015 में जिले के करीब 11 हजार 851 किसानों ने फसलों का बीमा कराया है। ऐसे में फसलों की बर्बादी पर बीमा कंपनियों को क्लेम के भुगतान के लिए प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। मगर बीमा कंपनियों ने चुप्पी साध रखी है। इसकी जानकारी होने पर डीएम ने मातहत अफसरों को कार्रवाई का निर्देश दिया। किसानों को बीमे की रकम दिलाने के लिए डीएम ने सीडीओ के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम का गठन किया है। इस टीम में एलडीएम, डीडीएम नावार्ड, जिला कृषि अधिकारी को शामिल किया गया है। ऐसे में फसल का बीमा कराने वाले किसानों को सरकारी मुआवजा मिलने के साथ ही क्लेम भी मिलेगा।