सूचना पर पुलिस बल के साथ चेकिंग करते एसपी संजीव त्यागी।
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सीएम ने भले ही श्रीकृष्णजन्म अष्टमी पर पुलिस कर्मियों को दस दिन के अंदर एक अवकाश का तोहफा दिया है, मगर जिले में पुलिसकर्मियाें व दरोगाओं की इतनी कमी है कि उन्हें यह छुट्टी मिलना आसान नहीं है। पहले से ही यहां दरोगा, सिपाही व हेड कांस्टेबल की कमी बनी हुई है।
जिले की लगभग 32 लाख आबादी की सुरक्षा के लिए मात्र 876 सिपाही, 388 हेड कांस्टेबल और 45 दरोगा की तैनाती की गई है। जबकि एक हजार सिपाही, सवा छह सौ हेड कांस्टेबल और 175 दरोगा की तैनाती होनी चाहिए। ऐसी दशा में इतनी बड़ी आबादी के बीच शांति व्यवस्था कायम रखना पुलिसकर्मियों के लिए हमेशा चुनौती बना रहता है। जिले में वैसे भी आए दिन पुलिस और पब्लिक के बीच भिड़ंत हो रही है। कुंडा, लालगंज, मानधाता, रानीगंज में पुलिस और पब्लिक में सीधे टक्कर हुई है। जिसमें पुलिस को कई बार भागना पड़ा।
होमगार्डों से मदद लेकर किसी तरह व्यवस्था का संचालन किया जा रहा है। इसका असर पुलिसकर्मियों के अवकाश पर भी पड़ेगा। जब संख्या ही पूरी नहीं रहेगी तो अवकाश कैसे देंगे। ऐसी दशा में अगर पुलिसकर्मियों को दस दिन के अंदर एक बार अवकाश दे दिया जाता है तो पुलिसकर्मियों की संख्या बेहद कम हो जाएगी। एसपी प्रतापगढ़ एमपी वर्मा का कहना है कि एक सिपाही को माह भर में तीन ही छुट्टी देनी है। दस दिन में एक बार। इसलिए कोई दिक्कत नहीं आएगी।