रानीगंज। पुरानी रंजिश को लेकर कुछ लोगों ने युवक को रोककर पीटा और भागते समय फायर झोंक दिया। हालांकि वह बाल-बाल बच गया। घटना के बाद दो गांवों के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर आमने-सामने हो गए। पुलिस के पहुंचने के बाद लोग हटे। घटनास्थल से पुलिस ने दो खोखे बरामद किए हैं।
रानीगंज थाना क्षेत्र के पूरे गोलिया निवासी दिलशाद (20) का सरायभरतराय गांव के लोगों से कुछ दिन पहले विवाद हुआ था। बृहस्पतिवार को दिलशाद बाजार से घर लौट रहा था। आरोप है कि रास्ते में सरायभरत राय निवासी हसीब अपने दो साथियों के साथ उसे रोककर पीटने लगा। वह किसी तरह जान बचाकर भागा तो हमलावरों ने उस पर फायर झोंक दिया। हालांकि गोली उसे नहीं लगी। शोरशराबा सुनकर दोनों गांवों के लोग लाठी-डंडे लेकर आमने-सामने हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंच गई। जिसके बाद ग्रामीण पीछे हटे। घटनास्थल से पुलिस को दो खोखे मिले हैं। रानीगंज थानाध्यक्ष ने बताया कि रंजिश के चलते मारपीट की बात सामने आ रही है। फायरिंग भी हुई है। दोनों पक्षों को थाने ले जाया जा रहा है।
प्रेमी ने गला दबाकर हत्या करने के बाद दफना दिया था छात्रा का शव
कटरामेदनीगंज। कोहड़ौर के औरंगाबाद में चमरौधा नदी के किनारे मिले कंकाल की शिनाख्त नगर कोतवाली के खजोहरी की रहने वाली अंजली (17) पुत्री रामनाथ के रूप में होने के बाद उसकी मौत का राज भी खुल गया है। प्रेमी ने ही अंजली की गला दबाकर हत्या की थी। इसके बाद उसका शव नदी के किनारे दफना दिया। पिता ने पुलिस को दी तहरीर में प्रेमी पर अंजली को गायब करने का शक जताया था, लेकिन इसके बाद भी पुलिस लापरवाह बनी रही। कंकाल मिलने के बाद पुलिस ने छानबीन में तेजी दिखाई तो घटना परत दर परत खुलती चली गई। छात्रा के परिजन पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।
नगर कोतवाली के खजोहरी की रहने वाली अंजली (17) पुत्री रामनाथ स्थानीय कालेज में इंटर की छात्रा थी। छह जनवरी को वह कालेज गई, लेकिन लौटकर नहीं आई। काफी खोजबीन के बाद रामनाथ ने अंतू के तारडीह निवासी हरिओम उर्फ राज यादव पर उसे गायब की आशंका जताते हुए पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया, मगर उसकी खोजबीन की औपचारिकता ही निभाती रही। 10 जनवरी को कोहड़ौर के औरंगाबाद में चमरौधा नदी के किनारे एक महिला का कंकाल मिला। घटनास्थल पर ही बाल, क्लचर व चप्पल पड़े थे। जिसके बाद पुलिस गहराई से छानबीन में जुट गई। चप्पल और क्लचर से परिजनों ने उसकी पहचान अंजली के रूप में की। इसके बाद पुलिस ने तारडीह के रहने वाले हरिओम को उठा लिया। पूछताछ में वह टूट गया। उसने अंजली की हत्या का जुर्म स्वीकार कर लिया।
बुधवार की रात पुलिस उसे साथ लेकर घटनास्थल पर पहुंची। जहां उसने छात्रा की हत्या करने वाला स्थल दिखाया। पुलिस के अनुसार पकड़े गए हरिओम ने बताया कि अंजली को लेकर वह 20 दिनों तक परिचितों के घर घूमता रहा। वह शादी का दबाव बना रही थी, लेकिन वह अंजली से विवाह नहीं करना चाहता था। इसके चलते जनवरी माह के आखिरी दिनों में अंजली को घटनास्थल पर बहाने से लाया और उसकी गला दबाकर हत्या कर शव को दफना दिया था। बृहस्पतिवार को कोतवाली पुलिस रामनाथ के घर पहुंची। पुलिस को देख लोगों की भीड़ जमा हो गई। रामनाथ से बातचीत के बाद पुलिस उसे कोतवाली चलने के लिए कहने लगी। जिस पर वह आक्रोशित हो उठा। कहा कि उसकी बेटी की हत्या के लिए पुलिस ही जिम्मेदार है। यदि समय पर तलाश की होती तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। सीओ सिटी अभय पांडेय ने बताया कि छात्रा व आरोपी की तलाश में पुलिस लगी थी। दोनों एक जगह रुक नहीं रहे थे। जिसके चलते उन तक पुलिस पहुंच नहीं सकी।