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पिटाई व अंगूठा काटने से घायल युवक की मौत

Wed, 02 May 2018 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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जमीन के विवाद में पड़ोसियों की पिटाई व हाथ पैर का अंगूठा काटने से घायल युवक की उपचार के दौरान मौत हो गई। इलाहाबाद से परिजन शव लेकर घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। पुलिस व विधायक से आक्रोशित ग्रामीण कटरा-जेठवारा मार्ग पर जाम लगाते हुए मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। कई थानों की पुलिस दोपहर से ही मुस्तैद थी। आक्रोशित लोगों को पुलिस ने किसी तरह समझा बुझाकर शांत कराया। जिसके बाद परिजन शव लेकर घर चले गए।
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जेठवारा थाना क्षेत्र के जगदीशपुर में 28 अप्रैल को जमीन के विवाद में गौरीशंकर को पड़ोसी पीटने लगे। आरोप है कि पिटाई के दौरान हमलावरों ने गौरीशंकर के एक हाथ व पैर का अंगूठा काट लिया था। उसके बेटे सुशील को भी हमलावरों ने जमकर पीटा था। ग्रामीण गौरीशंकर को बचाने का प्रयास तक नहीं कर सके। उसे परिजन उपचार के लिए इलाहाबाद ले गए। जहां इलाज के दौरान मंगलवार भोर में उसकी मौत हो गई।

यह खबर घर पहुंची तो इलाकाई पुलिस के अलावा दूसरे थानों की फोर्स गांव पहुंच गई। हालांकि शाम करीब सवा सात बजे शव लेकर परिजन घर पहुंचे। आक्रोशित ग्रामीण शव सडक़ पर रखकर जाम लगा दिए। पुलिसकर्मियों से भी उनकी झड़प हुई। प्रत्यक्षदशयों की मानें तो ग्रामीण क्षेत्रीय विधायक और जेठवारा एसओ के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। बवाल की आशंका में पुलिस दूर खड़ी रही।
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इस बीच सीओ सदर अंजनी राय ने लोगों को समझाबुझाकर शांत कराया। वादा किया कि सभी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। सीओ सदर ने बताया कि उमाशंकर की तहरीर पर कंहैयालाल, समयलाल, बहराइच, मुन्नू, अरुण व दो महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

चचेरे भाई की दबंगई से मृतक नहीं पा रहा था जमीन पर कब्जा
पैतृक संपत्ति पर कब्जा पाने के लिए मजदूरी करने वाला गौरीशंकर कानून के रखवालों के दर पर गुहार लगाता रहा, लेकिन उसकी मदद करने कोई नहीं आया। जबकि वह मुकदमा जीतने के बाद अपनी जमीन पर कब्जा करना चाहता था। गौरीशंकर के पिता रमई दो भाई थे। रमई और रधई की जमीन कटरागुलाब सिंह मार्ग पर है। मृतक ने सडक़ किनारे जमीन के लिए एसडीएम न्यायालय में वाद दायर किया था। जिसकी सुनवाई के बाद उसकी डिग्री हो गई थी। राजस्व विभाग की टीम पत्थरनशी भी कर दिया था लेकिन गौरीशंकर को उस जमीन पर कब्जा नहीं मिल रहा था। चचेरे भाई की दबंगई व धनबल के आगे उसकी दाल नहीं गल रही थी। तभी तो गंभीर रूप से घायल गौरीशंकर के मामले में जेठवारा पुलिस लापरवाह बनी रही।

आरोपियों के घरों में लटका ताला
मंगलवार को गौरीशंकर के मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची। आरोपी कंहैयालाल परिवार के सदस्य घर छोडक़र फरार हो गए। महिलाएं भी ताला बंद कर निकल लीं। पुलिस बवाल की आशंका को देखते हुए मुस्तैद रही।
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